6 जनवरी 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 6 जनवरी 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 जनवरी 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (18:24 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:06 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 16:40 पर है। राहुकाल 07:20 से 08:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 16:40
रात 06:00 तक
तिथि
सप्तमी, 18:24 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:06 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:20शुभ
काल07:20 – 08:40टालें
शुभ08:40 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:20टालें
उद्वेग11:20 – 12:40टालें
चर12:40 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:20शुभ
अमृत15:20 – 16:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:40 – 18:20सामान्य
रोग18:20 – 20:00टालें
काल20:00 – 21:40टालें
लाभ21:40 – 23:20शुभ
उद्वेग23:20 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:40शुभ
अमृत02:40 – 04:20शुभ
चर04:20 – 06:00सामान्य

6 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 18:24 तक
शुक्ल अष्टमी 16:27, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 17:50, 7 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:05, 7 जन॰ तक
शिव 23:15, 7 जन॰ तक
करण
गर 07:20 तक
वणिज 18:24 तक
विष्टि (भद्रा) 05:26, 7 जन॰ तक
बव 16:27, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
16:40
चंद्रोदय
10:26
चंद्रास्त
23:05
दिनमान
10h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
07:20 – 08:40
यमगंड
10:00 – 11:20
गुलिक काल
12:40 – 14:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0006:53दिन
शनि06:5307:46दिन
गुरु07:4608:40दिन
मंगल08:4009:33दिन
सूर्य09:3310:26दिन
शुक्र10:2611:20दिन
बुध11:2012:13दिन
चंद्र12:1313:06दिन
शनि13:0614:00दिन
गुरु14:0014:53दिन
मंगल14:5315:46दिन
सूर्य15:4616:40दिन
शुक्र16:4017:46रात
बुध17:4618:53रात
चंद्र18:5320:00रात
शनि20:0021:06रात
गुरु21:0622:13रात
मंगल22:1323:20रात
सूर्य23:2000:26रात
शुक्र00:2601:33रात
बुध01:3302:40रात
चंद्र02:4003:46रात
शनि03:4604:53रात
गुरु04:5306:00रात

अयनांश 24.2065° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।