26 जनवरी 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 26 जनवरी 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 जनवरी 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:55 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 15:32 से 16:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 16:54
रात 05:58 तक
तिथि
द्वादशी, 20:55 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:58 – 07:20टालें
चर07:20 – 08:42सामान्य
लाभ08:42 – 10:04शुभ
अमृत10:04 – 11:26शुभ
काल11:26 – 12:48टालें
शुभ12:48 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:32टालें
उद्वेग15:32 – 16:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:54 – 18:32शुभ
अमृत18:32 – 20:10शुभ
चर20:10 – 21:48सामान्य
रोग21:48 – 23:26टालें
काल23:26 – 01:04टालें
लाभ01:04 – 02:42शुभ
उद्वेग02:42 – 04:20टालें
शुभ04:20 – 05:58शुभ

26 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:55 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:35, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:02, 27 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 03:33, 27 जन॰ तक
हर्षण 01:57, 28 जन॰ तक
करण
कौलव 08:49 तक
तैतिल 20:55 तक
गर 08:50, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
03:11
चंद्रास्त
13:38
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:32 – 16:54
यमगंड
11:26 – 12:48
गुलिक काल
14:10 – 15:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5806:53दिन
शुक्र06:5307:48दिन
बुध07:4808:42दिन
चंद्र08:4209:37दिन
शनि09:3710:32दिन
गुरु10:3211:26दिन
मंगल11:2612:21दिन
सूर्य12:2113:16दिन
शुक्र13:1614:10दिन
बुध14:1015:05दिन
चंद्र15:0516:00दिन
शनि16:0016:54दिन
गुरु16:5418:00रात
मंगल18:0019:05रात
सूर्य19:0520:10रात
शुक्र20:1021:16रात
बुध21:1622:21रात
चंद्र22:2123:26रात
शनि23:2600:31रात
गुरु00:3101:37रात
मंगल01:3702:42रात
सूर्य02:4203:47रात
शुक्र03:4704:53रात
बुध04:5305:58रात

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।