3 फ़रवरी 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 3 फ़रवरी 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 फ़रवरी 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (06:53 तक), नक्षत्र रेवती (23:16 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 07:18 से 08:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:00
रात 05:55 तक
तिथि
षष्ठी, 04:37 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 23:16 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:55 – 07:18शुभ
काल07:18 – 08:41टालें
शुभ08:41 – 10:05शुभ
रोग10:05 – 11:28टालें
उद्वेग11:28 – 12:51टालें
चर12:51 – 14:14सामान्य
लाभ14:14 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 17:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:00 – 18:37सामान्य
रोग18:37 – 20:14टालें
काल20:14 – 21:51टालें
लाभ21:51 – 23:27शुभ
उद्वेग23:27 – 01:04टालें
शुभ01:04 – 02:41शुभ
अमृत02:41 – 04:18शुभ
चर04:18 – 05:55सामान्य

3 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 06:53 तक
शुक्ल षष्ठी 04:37, 4 फ़र॰ तक
शुक्ल सप्तमी 02:31, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:16 तक
अश्विनी 21:49, 4 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 06:05 तक
साध्य 03:02, 4 फ़र॰ तक
शुभ 00:06, 5 फ़र॰ तक
करण
बालव 06:53 तक
कौलव 17:44 तक
तैतिल 04:37, 4 फ़र॰ तक
गर 15:33, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:16 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
09:01
चंद्रास्त
22:01
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
07:18 – 08:41
यमगंड
10:05 – 11:28
गुलिक काल
12:51 – 14:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5506:51दिन
शनि06:5107:46दिन
गुरु07:4608:41दिन
मंगल08:4109:37दिन
सूर्य09:3710:32दिन
शुक्र10:3211:28दिन
बुध11:2812:23दिन
चंद्र12:2313:18दिन
शनि13:1814:14दिन
गुरु14:1415:09दिन
मंगल15:0916:05दिन
सूर्य16:0517:00दिन
शुक्र17:0018:05रात
बुध18:0519:09रात
चंद्र19:0920:14रात
शनि20:1421:18रात
गुरु21:1822:23रात
मंगल22:2323:27रात
सूर्य23:2700:32रात
शुक्र00:3201:36रात
बुध01:3602:41रात
चंद्र02:4103:46रात
शनि03:4604:50रात
गुरु04:5005:55रात

अयनांश 24.2076° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।