16 अप्रैल 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 16 अप्रैल 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 अप्रैल 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (13:17 तक), नक्षत्र अनुराधा (05:55, 17 अप्रैल तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 04:51 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 11:14 से 12:49 तक है।

दिन और रात
दिन 04:51 – 17:36
रात 04:50 तक
तिथि
तृतीया, 13:17 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:51 – 06:27शुभ
अमृत06:27 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:38टालें
शुभ09:38 – 11:14शुभ
रोग11:14 – 12:49टालें
उद्वेग12:49 – 14:25टालें
चर14:25 – 16:01सामान्य
लाभ16:01 – 17:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:36 – 19:01टालें
शुभ19:01 – 20:25शुभ
अमृत20:25 – 21:49शुभ
चर21:49 – 23:13सामान्य
रोग23:13 – 00:37टालें
काल00:37 – 02:02टालें
लाभ02:02 – 03:26शुभ
उद्वेग03:26 – 04:50टालें

16 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 13:17 तक
कृष्ण चतुर्थी 15:23, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
अनुराधा 05:55, 17 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 00:18, 17 अप्रैल तक
वरीयान 00:50, 18 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:17 तक
बव 02:23, 17 अप्रैल तक
बालव 15:23, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:51
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
20:40
चंद्रास्त
06:31
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:21 – 04:06
अभिजीत मुहूर्त
10:48 – 11:39 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:14 – 12:49
यमगंड
06:27 – 08:02
गुलिक काल
09:38 – 11:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5105:55दिन
चंद्र05:5506:58दिन
शनि06:5808:02दिन
गुरु08:0209:06दिन
मंगल09:0610:10दिन
सूर्य10:1011:14दिन
शुक्र11:1412:17दिन
बुध12:1713:21दिन
चंद्र13:2114:25दिन
शनि14:2515:29दिन
गुरु15:2916:33दिन
मंगल16:3317:36दिन
सूर्य17:3618:33रात
शुक्र18:3319:29रात
बुध19:2920:25रात
चंद्र20:2521:21रात
शनि21:2122:17रात
गुरु22:1723:13रात
मंगल23:1300:09रात
सूर्य00:0901:05रात
शुक्र01:0502:02रात
बुध02:0202:58रात
चंद्र02:5803:54रात
शनि03:5404:50रात

अयनांश 24.2103° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।