15 अगस्त 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 अगस्त 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 15 अगस्त 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (23:50 तक), नक्षत्र अश्विनी (07:36 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 04:48 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 09:41 से 11:18 तक है।

दिन और रात
दिन 04:48 – 17:48
रात 04:48 तक
तिथि
सप्तमी, 23:50 तक
अष्टमी
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:48 – 06:25सामान्य
लाभ06:25 – 08:03शुभ
अमृत08:03 – 09:41शुभ
काल09:41 – 11:18टालें
शुभ11:18 – 12:56शुभ
रोग12:56 – 14:33टालें
उद्वेग14:33 – 16:11टालें
चर16:11 – 17:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:48 – 19:11टालें
काल19:11 – 20:33टालें
लाभ20:33 – 21:56शुभ
उद्वेग21:56 – 23:18टालें
शुभ23:18 – 00:41शुभ
अमृत00:41 – 02:03शुभ
चर02:03 – 03:26सामान्य
रोग03:26 – 04:48टालें

15 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 23:50 तक
कृष्ण अष्टमी 21:35, 16 अग॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:06, 16 अग॰ तक
योग
गंडअशुभ 10:16 तक
वृद्धि 07:21, 16 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:58 तक
बव 23:50 तक
बालव 10:42, 16 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:48
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
21:45
चंद्रास्त
10:35
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:20 – 04:04
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:44

अशुभ समय

राहुकाल
09:41 – 11:18
यमगंड
14:33 – 16:11
गुलिक काल
06:25 – 08:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:4805:53दिन
बुध05:5306:58दिन
चंद्र06:5808:03दिन
शनि08:0309:08दिन
गुरु09:0810:13दिन
मंगल10:1311:18दिन
सूर्य11:1812:23दिन
शुक्र12:2313:28दिन
बुध13:2814:33दिन
चंद्र14:3315:38दिन
शनि15:3816:43दिन
गुरु16:4317:48दिन
मंगल17:4818:43रात
सूर्य18:4319:38रात
शुक्र19:3820:33रात
बुध20:3321:28रात
चंद्र21:2822:23रात
शनि22:2323:18रात
गुरु23:1800:13रात
मंगल00:1301:08रात
सूर्य01:0802:03रात
शुक्र02:0302:58रात
बुध02:5803:53रात
चंद्र03:5304:48रात

अयनांश 24.2149° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।