18 अगस्त 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 18 अगस्त 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 18 अगस्त 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (17:23 तक), नक्षत्र मृगशिरा (02:06, 19 अग॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 04:49 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 06:26 से 08:03 तक है।

दिन और रात
दिन 04:49 – 17:46
रात 04:50 तक
तिथि
दशमी, 17:23 तक
एकादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 02:06 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:49 – 06:26शुभ
काल06:26 – 08:03टालें
शुभ08:03 – 09:40शुभ
रोग09:40 – 11:17टालें
उद्वेग11:17 – 12:54टालें
चर12:54 – 14:32सामान्य
लाभ14:32 – 16:09शुभ
अमृत16:09 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:46 – 19:09सामान्य
रोग19:09 – 20:32टालें
काल20:32 – 21:55टालें
लाभ21:55 – 23:18शुभ
उद्वेग23:18 – 00:41टालें
शुभ00:41 – 02:04शुभ
अमृत02:04 – 03:27शुभ
चर03:27 – 04:50सामान्य

18 अगस्त 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 17:23 तक
कृष्ण एकादशी 15:33, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 02:06, 19 अग॰ तक
आर्द्रा 01:07, 20 अग॰ तक
योग
हर्षण 22:59 तक
वज्रअशुभ 20:29, 19 अग॰ तक
करण
वणिज 06:22 तक
विष्टि (भद्रा) 17:23 तक
बव 04:26, 19 अग॰ तक
बालव 15:33, 19 अग॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 14:40 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:49
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:55
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:21 – 04:05
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
06:26 – 08:03
यमगंड
09:40 – 11:17
गुलिक काल
12:54 – 14:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:4905:54दिन
शनि05:5406:59दिन
गुरु06:5908:03दिन
मंगल08:0309:08दिन
सूर्य09:0810:13दिन
शुक्र10:1311:17दिन
बुध11:1712:22दिन
चंद्र12:2213:27दिन
शनि13:2714:32दिन
गुरु14:3215:36दिन
मंगल15:3616:41दिन
सूर्य16:4117:46दिन
शुक्र17:4618:41रात
बुध18:4119:36रात
चंद्र19:3620:32रात
शनि20:3221:27रात
गुरु21:2722:22रात
मंगल22:2223:18रात
सूर्य23:1800:13रात
शुक्र00:1301:08रात
बुध01:0802:04रात
चंद्र02:0402:59रात
शनि02:5903:54रात
गुरु03:5404:50रात

अयनांश 24.2151° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।