24 अगस्त 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 24 अगस्त 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 अगस्त 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (11:48 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:06, 25 अग॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 04:52 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 16:04 से 17:40 तक है।

दिन और रात
दिन 04:52 – 17:40
रात 04:52 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:48 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:06 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग04:52 – 06:28टालें
चर06:28 – 08:04सामान्य
लाभ08:04 – 09:40शुभ
अमृत09:40 – 11:16शुभ
काल11:16 – 12:52टालें
शुभ12:52 – 14:28शुभ
रोग14:28 – 16:04टालें
उद्वेग16:04 – 17:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:40 – 19:04शुभ
अमृत19:04 – 20:28शुभ
चर20:28 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:16टालें
काल23:16 – 00:40टालें
लाभ00:40 – 02:04शुभ
उद्वेग02:04 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 04:52शुभ

24 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 11:48 तक
शुक्ल द्वितीया 12:35, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
शिव 12:29 तक
सिद्ध 12:06, 25 अग॰ तक
करण
बव 11:48 तक
बालव 00:07, 25 अग॰ तक
कौलव 12:35, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:52
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
05:36
चंद्रास्त
18:23
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:22 – 04:07
अभिजीत मुहूर्त
10:50 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:04 – 17:40
यमगंड
11:16 – 12:52
गुलिक काल
14:28 – 16:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य04:5205:56दिन
शुक्र05:5607:00दिन
बुध07:0008:04दिन
चंद्र08:0409:08दिन
शनि09:0810:12दिन
गुरु10:1211:16दिन
मंगल11:1612:20दिन
सूर्य12:2013:24दिन
शुक्र13:2414:28दिन
बुध14:2815:32दिन
चंद्र15:3216:36दिन
शनि16:3617:40दिन
गुरु17:4018:36रात
मंगल18:3619:32रात
सूर्य19:3220:28रात
शुक्र20:2821:24रात
बुध21:2422:20रात
चंद्र22:2023:16रात
शनि23:1600:12रात
गुरु00:1201:08रात
मंगल01:0802:04रात
सूर्य02:0403:00रात
शुक्र03:0003:56रात
बुध03:5604:52रात

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।