25 अगस्त 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 25 अगस्त 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 25 अगस्त 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (12:35 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (03:49, 26 अग॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 04:52 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 06:28 से 08:04 तक है।

दिन और रात
दिन 04:52 – 17:39
रात 04:52 तक
तिथि
द्वितीया, 12:35 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:49 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:52 – 06:28शुभ
काल06:28 – 08:04टालें
शुभ08:04 – 09:40शुभ
रोग09:40 – 11:16टालें
उद्वेग11:16 – 12:52टालें
चर12:52 – 14:27सामान्य
लाभ14:27 – 16:03शुभ
अमृत16:03 – 17:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:39 – 19:03सामान्य
रोग19:03 – 20:28टालें
काल20:28 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:16शुभ
उद्वेग23:16 – 00:40टालें
शुभ00:40 – 02:04शुभ
अमृत02:04 – 03:28शुभ
चर03:28 – 04:52सामान्य

25 अगस्त 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 12:35 तक
शुक्ल तृतीया 13:55, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:04, 27 अग॰ तक
योग
सिद्ध 12:06 तक
साध्य 12:08, 26 अग॰ तक
करण
कौलव 12:35 तक
तैतिल 01:11, 26 अग॰ तक
गर 13:55, 26 अग॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 08:28 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:52
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
06:30
चंद्रास्त
18:52
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:22 – 04:07
अभिजीत मुहूर्त
10:50 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
06:28 – 08:04
यमगंड
09:40 – 11:16
गुलिक काल
12:52 – 14:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:5205:56दिन
शनि05:5607:00दिन
गुरु07:0008:04दिन
मंगल08:0409:08दिन
सूर्य09:0810:12दिन
शुक्र10:1211:16दिन
बुध11:1612:20दिन
चंद्र12:2013:24दिन
शनि13:2414:27दिन
गुरु14:2715:31दिन
मंगल15:3116:35दिन
सूर्य16:3517:39दिन
शुक्र17:3918:35रात
बुध18:3519:31रात
चंद्र19:3120:28रात
शनि20:2821:24रात
गुरु21:2422:20रात
मंगल22:2023:16रात
सूर्य23:1600:12रात
शुक्र00:1201:08रात
बुध01:0802:04रात
चंद्र02:0403:00रात
शनि03:0003:56रात
गुरु03:5604:52रात

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।