1 अक्टूबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (19:01 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (08:06 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 17:01
रात 05:06 तक
तिथि
नवमी, 19:01 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:06 – 06:35शुभ
अमृत06:35 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:34टालें
शुभ09:34 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:33टालें
उद्वेग12:33 – 14:02टालें
चर14:02 – 15:31सामान्य
लाभ15:31 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:01 – 18:31टालें
शुभ18:31 – 20:02शुभ
अमृत20:02 – 21:33शुभ
चर21:33 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:34टालें
काल00:34 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:35शुभ
उद्वेग03:35 – 05:06टालें

1 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 19:01 तक
शुक्ल दशमी 19:11, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:13, 2 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:33, 2 अक्टू॰ तक
सुकर्मा 23:28, 2 अक्टू॰ तक
करण
बालव 06:39 तक
कौलव 19:01 तक
तैतिल 07:12, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 14:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
13:09
चंद्रास्त
23:51
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
10:39 – 11:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:33
यमगंड
06:35 – 08:04
गुलिक काल
09:34 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0606:05दिन
चंद्र06:0507:05दिन
शनि07:0508:04दिन
गुरु08:0409:04दिन
मंगल09:0410:04दिन
सूर्य10:0411:03दिन
शुक्र11:0312:03दिन
बुध12:0313:02दिन
चंद्र13:0214:02दिन
शनि14:0215:02दिन
गुरु15:0216:01दिन
मंगल16:0117:01दिन
सूर्य17:0118:01रात
शुक्र18:0119:02रात
बुध19:0220:02रात
चंद्र20:0221:03रात
शनि21:0322:03रात
गुरु22:0323:03रात
मंगल23:0300:04रात
सूर्य00:0401:04रात
शुक्र01:0402:05रात
बुध02:0503:05रात
चंद्र03:0504:06रात
शनि04:0605:06रात

अयनांश 24.2167° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।