5 अक्टूबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 5 अक्टूबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 अक्टूबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (15:04 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:01 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 15:28 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 16:57
रात 05:08 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:04 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 08:01 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:07 – 06:36टालें
चर06:36 – 08:05सामान्य
लाभ08:05 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 13:59शुभ
रोग13:59 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 16:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:57 – 18:28शुभ
अमृत18:28 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:31सामान्य
रोग21:31 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:36टालें
शुभ03:36 – 05:08शुभ

5 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 15:04 तक
शुक्ल चतुर्दशी 12:24, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:01 तक
पूर्वा भाद्रपद 06:16, 6 अक्टू॰ तक
योग
गंडअशुभ 16:34 तक
वृद्धि 13:13, 6 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 15:04 तक
गर 01:48, 6 अक्टू॰ तक
वणिज 12:24, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 00:45, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
15:44
चंद्रास्त
02:55
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:19
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:26

अशुभ समय

राहुकाल
15:28 – 16:57
यमगंड
11:02 – 12:31
गुलिक काल
13:59 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0706:06दिन
शुक्र06:0607:06दिन
बुध07:0608:05दिन
चंद्र08:0509:04दिन
शनि09:0410:03दिन
गुरु10:0311:02दिन
मंगल11:0212:01दिन
सूर्य12:0113:00दिन
शुक्र13:0013:59दिन
बुध13:5914:58दिन
चंद्र14:5815:58दिन
शनि15:5816:57दिन
गुरु16:5717:58रात
मंगल17:5818:58रात
सूर्य18:5819:59रात
शुक्र19:5921:00रात
बुध21:0022:01रात
चंद्र22:0123:02रात
शनि23:0200:03रात
गुरु00:0301:04रात
मंगल01:0402:05रात
सूर्य02:0503:06रात
शुक्र03:0604:07रात
बुध04:0705:08रात

अयनांश 24.2169° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।