8 अक्टूबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (05:53 तक), नक्षत्र अश्विनी (22:44 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 11:01 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 16:54
रात 05:09 तक
तिथि
द्वितीया, 02:23 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 22:44 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:09 – 06:37शुभ
अमृत06:37 – 08:05शुभ
काल08:05 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 11:01शुभ
रोग11:01 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:25सामान्य
लाभ15:25 – 16:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:54 – 18:26टालें
शुभ18:26 – 19:57शुभ
अमृत19:57 – 21:29शुभ
चर21:29 – 23:01सामान्य
रोग23:01 – 00:33टालें
काल00:33 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:37शुभ
उद्वेग03:37 – 05:09टालें

8 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 05:53 तक
कृष्ण द्वितीया 02:23, 9 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 22:54, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 20:02, 9 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 05:35 तक
हर्षण 01:32, 9 अक्टू॰ तक
वज्रअशुभ 21:32, 9 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 05:53 तक
तैतिल 16:08 तक
गर 02:23, 9 अक्टू॰ तक
वणिज 12:38, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
17:36
चंद्रास्त
06:07
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 – 04:20
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:25 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:01 – 12:29
यमगंड
06:37 – 08:05
गुलिक काल
09:33 – 11:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0906:07दिन
चंद्र06:0707:06दिन
शनि07:0608:05दिन
गुरु08:0509:04दिन
मंगल09:0410:02दिन
सूर्य10:0211:01दिन
शुक्र11:0112:00दिन
बुध12:0012:59दिन
चंद्र12:5913:57दिन
शनि13:5714:56दिन
गुरु14:5615:55दिन
मंगल15:5516:54दिन
सूर्य16:5417:55रात
शुक्र17:5518:56रात
बुध18:5619:57रात
चंद्र19:5720:59रात
शनि20:5922:00रात
गुरु22:0023:01रात
मंगल23:0100:03रात
सूर्य00:0301:04रात
शुक्र01:0402:05रात
बुध02:0503:06रात
चंद्र03:0604:08रात
शनि04:0805:09रात

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।