27 अक्टूबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (06:05 तक), नक्षत्र मूल (13:27 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 16:37 पर है। राहुकाल 06:43 से 08:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 16:37
रात 05:19 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 13:27 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:18 – 06:43शुभ
काल06:43 – 08:08टालें
शुभ08:08 – 09:33शुभ
रोग09:33 – 10:57टालें
उद्वेग10:57 – 12:22टालें
चर12:22 – 13:47सामान्य
लाभ13:47 – 15:12शुभ
अमृत15:12 – 16:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:37 – 18:12सामान्य
रोग18:12 – 19:47टालें
काल19:47 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 02:08शुभ
अमृत02:08 – 03:43शुभ
चर03:43 – 05:19सामान्य

27 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 06:05 तक
शुक्ल षष्ठी 08:00, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:27 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:45, 28 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 07:26 तक
सुकर्मा 07:50, 28 अक्टू॰ तक
करण
बालव 06:05 तक
कौलव 19:06 तक
तैतिल 08:00, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
16:37
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
20:43
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:37 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
06:43 – 08:08
यमगंड
09:33 – 10:57
गुलिक काल
12:22 – 13:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1806:15दिन
शनि06:1507:11दिन
गुरु07:1108:08दिन
मंगल08:0809:04दिन
सूर्य09:0410:01दिन
शुक्र10:0110:57दिन
बुध10:5711:54दिन
चंद्र11:5412:51दिन
शनि12:5113:47दिन
गुरु13:4714:44दिन
मंगल14:4415:40दिन
सूर्य15:4016:37दिन
शुक्र16:3717:40रात
बुध17:4018:44रात
चंद्र18:4419:47रात
शनि19:4720:51रात
गुरु20:5121:54रात
मंगल21:5422:58रात
सूर्य22:5800:01रात
शुक्र00:0101:05रात
बुध01:0502:08रात
चंद्र02:0803:12रात
शनि03:1204:15रात
गुरु04:1505:19रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।