28 अक्टूबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (08:00 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (15:45 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:19 पर और सूर्यास्त 16:36 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:19 – 16:36
रात 05:19 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 15:45 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:19 – 06:43टालें
उद्वेग06:43 – 08:08टालें
चर08:08 – 09:33सामान्य
लाभ09:33 – 10:57शुभ
अमृत10:57 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:47टालें
शुभ13:47 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:36 – 18:12टालें
लाभ18:12 – 19:47शुभ
उद्वेग19:47 – 21:22टालें
शुभ21:22 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:33शुभ
चर00:33 – 02:08सामान्य
रोग02:08 – 03:44टालें
काल03:44 – 05:19टालें

28 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 08:00 तक
शुक्ल सप्तमी 09:23, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 17:30, 29 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 07:50 तक
धृति 07:51, 29 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 08:00 तक
गर 20:46 तक
वणिज 09:23, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 22:14 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:19
सूर्यास्त
16:36
चंद्रोदय
11:03
चंद्रास्त
21:40
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:37 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:12
यमगंड
08:08 – 09:33
गुलिक काल
10:57 – 12:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1906:15दिन
सूर्य06:1507:11दिन
शुक्र07:1108:08दिन
बुध08:0809:04दिन
चंद्र09:0410:01दिन
शनि10:0110:57दिन
गुरु10:5711:54दिन
मंगल11:5412:50दिन
सूर्य12:5013:47दिन
शुक्र13:4714:43दिन
बुध14:4315:40दिन
चंद्र15:4016:36दिन
शनि16:3617:40रात
गुरु17:4018:43रात
मंगल18:4319:47रात
सूर्य19:4720:51रात
शुक्र20:5121:54रात
बुध21:5422:58रात
चंद्र22:5800:01रात
शनि00:0101:05रात
गुरु01:0502:08रात
मंगल02:0803:12रात
सूर्य03:1204:16रात
शुक्र04:1605:19रात

अयनांश 24.2178° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।