3 नवंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 3 नवंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 नवंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (02:06, 4 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (15:05 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 16:32 पर है। राहुकाल 06:46 से 08:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 16:32
रात 05:23 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:06 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 15:05 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:22 – 06:46शुभ
काल06:46 – 08:10टालें
शुभ08:10 – 09:33शुभ
रोग09:33 – 10:57टालें
उद्वेग10:57 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:45सामान्य
लाभ13:45 – 15:08शुभ
अमृत15:08 – 16:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:32 – 18:09सामान्य
रोग18:09 – 19:45टालें
काल19:45 – 21:21टालें
लाभ21:21 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:34टालें
शुभ00:34 – 02:10शुभ
अमृत02:10 – 03:46शुभ
चर03:46 – 05:23सामान्य

3 नवंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 02:06, 4 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 22:36, 4 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:34, 4 नव॰ तक
योग
हर्षण 19:39 तक
वज्रअशुभ 15:42, 4 नव॰ तक
करण
कौलव 15:41 तक
तैतिल 02:06, 4 नव॰ तक
गर 12:24, 4 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
16:32
चंद्रोदय
14:48
चंद्रास्त
02:38
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:19

अशुभ समय

राहुकाल
06:46 – 08:10
यमगंड
09:33 – 10:57
गुलिक काल
12:21 – 13:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2206:18दिन
शनि06:1807:14दिन
गुरु07:1408:10दिन
मंगल08:1009:05दिन
सूर्य09:0510:01दिन
शुक्र10:0110:57दिन
बुध10:5711:53दिन
चंद्र11:5312:49दिन
शनि12:4913:45दिन
गुरु13:4514:41दिन
मंगल14:4115:36दिन
सूर्य15:3616:32दिन
शुक्र16:3217:36रात
बुध17:3618:41रात
चंद्र18:4119:45रात
शनि19:4520:49रात
गुरु20:4921:53रात
मंगल21:5322:57रात
सूर्य22:5700:02रात
शुक्र00:0201:06रात
बुध01:0602:10रात
चंद्र02:1003:14रात
शनि03:1404:18रात
गुरु04:1805:23रात

अयनांश 24.2180° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।