10 नवंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 10 नवंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 नवंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (00:08, 11 नव॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:48 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 16:28 पर है। राहुकाल 06:49 से 08:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 16:28
रात 05:27 तक
तिथि
षष्ठी, 00:08 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:48 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:27 – 06:49शुभ
काल06:49 – 08:12टालें
शुभ08:12 – 09:35शुभ
रोग09:35 – 10:57टालें
उद्वेग10:57 – 12:20टालें
चर12:20 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:06शुभ
अमृत15:06 – 16:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:28 – 18:06सामान्य
रोग18:06 – 19:43टालें
काल19:43 – 21:20टालें
लाभ21:20 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:35टालें
शुभ00:35 – 02:13शुभ
अमृत02:13 – 03:50शुभ
चर03:50 – 05:27सामान्य

10 नवंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 00:08, 11 नव॰ तक
कृष्ण सप्तमी 23:09, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:18, 11 नव॰ तक
योग
साध्य 12:05 तक
शुभ 09:44, 11 नव॰ तक
करण
गर 12:56 तक
वणिज 00:08, 11 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 11:32, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 13:03 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
16:28
चंद्रोदय
21:14
चंद्रास्त
10:27
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
06:49 – 08:12
यमगंड
09:35 – 10:57
गुलिक काल
12:20 – 13:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2706:22दिन
शनि06:2207:17दिन
गुरु07:1708:12दिन
मंगल08:1209:07दिन
सूर्य09:0710:02दिन
शुक्र10:0210:57दिन
बुध10:5711:53दिन
चंद्र11:5312:48दिन
शनि12:4813:43दिन
गुरु13:4314:38दिन
मंगल14:3815:33दिन
सूर्य15:3316:28दिन
शुक्र16:2817:33रात
बुध17:3318:38रात
चंद्र18:3819:43रात
शनि19:4320:48रात
गुरु20:4821:53रात
मंगल21:5322:58रात
सूर्य22:5800:03रात
शुक्र00:0301:08रात
बुध01:0802:13रात
चंद्र02:1303:17रात
शनि03:1704:22रात
गुरु04:2205:27रात

अयनांश 24.2183° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।