28 दिसंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 28 दिसंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 दिसंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (12:00 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:43 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 16:34 पर है। राहुकाल 15:14 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 16:34
रात 05:57 तक
तिथि
अष्टमी, 12:00 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:57 – 07:17टालें
चर07:17 – 08:36सामान्य
लाभ08:36 – 09:56शुभ
अमृत09:56 – 11:15शुभ
काल11:15 – 12:35टालें
शुभ12:35 – 13:54शुभ
रोग13:54 – 15:14टालें
उद्वेग15:14 – 16:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:34 – 18:14शुभ
अमृत18:14 – 19:55शुभ
चर19:55 – 21:35सामान्य
रोग21:35 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:56टालें
लाभ00:56 – 02:36शुभ
उद्वेग02:36 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:57शुभ

28 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 12:00 तक
शुक्ल नवमी 10:12, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:41, 29 दिस॰ तक
योग
वरीयान 10:13 तक
परिघअशुभ 07:36, 29 दिस॰ तक
करण
बव 12:00 तक
बालव 23:11 तक
कौलव 10:12, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
16:34
चंद्रोदय
11:14
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
10:54 – 11:36

अशुभ समय

राहुकाल
15:14 – 16:34
यमगंड
11:15 – 12:35
गुलिक काल
13:54 – 15:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5706:50दिन
शुक्र06:5007:43दिन
बुध07:4308:36दिन
चंद्र08:3609:29दिन
शनि09:2910:22दिन
गुरु10:2211:15दिन
मंगल11:1512:08दिन
सूर्य12:0813:01दिन
शुक्र13:0113:54दिन
बुध13:5414:47दिन
चंद्र14:4715:41दिन
शनि15:4116:34दिन
गुरु16:3417:41रात
मंगल17:4118:48रात
सूर्य18:4819:55रात
शुक्र19:5521:02रात
बुध21:0222:08रात
चंद्र22:0823:15रात
शनि23:1500:22रात
गुरु00:2201:29रात
मंगल01:2902:36रात
सूर्य02:3603:43रात
शुक्र03:4304:50रात
बुध04:5005:57रात

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।