24 फ़रवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (07:02 तक), नक्षत्र कृत्तिका (15:07 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 14:20 से 15:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:13
रात 05:40 तक
तिथि
अष्टमी, 04:52 तक
नवमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 15:07 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:41 – 07:08टालें
उद्वेग07:08 – 08:34टालें
चर08:34 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:27शुभ
अमृत11:27 – 12:54शुभ
काल12:54 – 14:20टालें
शुभ14:20 – 15:47शुभ
रोग15:47 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:13 – 18:47टालें
लाभ18:47 – 20:20शुभ
उद्वेग20:20 – 21:53टालें
शुभ21:53 – 23:27शुभ
अमृत23:27 – 01:00शुभ
चर01:00 – 02:33सामान्य
रोग02:33 – 04:07टालें
काल04:07 – 05:40टालें

24 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 07:02 तक
शुक्ल अष्टमी 04:52, 25 फ़र॰ तक
शुक्ल नवमी 02:41, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:38, 25 फ़र॰ तक
योग
इंद्र 07:23 तक
वैधृतिअशुभ 04:26, 25 फ़र॰ तक
विष्कंभअशुभ 01:28, 26 फ़र॰ तक
करण
वणिज 07:02 तक
विष्टि (भद्रा) 17:57 तक
बव 04:52, 25 फ़र॰ तक
बालव 15:46, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
09:59
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
14:20 – 15:47
यमगंड
08:34 – 10:01
गुलिक काल
11:27 – 12:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4106:39दिन
सूर्य06:3907:36दिन
शुक्र07:3608:34दिन
बुध08:3409:32दिन
चंद्र09:3210:29दिन
शनि10:2911:27दिन
गुरु11:2712:25दिन
मंगल12:2513:22दिन
सूर्य13:2214:20दिन
शुक्र14:2015:18दिन
बुध15:1816:15दिन
चंद्र16:1517:13दिन
शनि17:1318:15रात
गुरु18:1519:18रात
मंगल19:1820:20रात
सूर्य20:2021:22रात
शुक्र21:2222:24रात
बुध22:2423:27रात
चंद्र23:2700:29रात
शनि00:2901:31रात
गुरु01:3102:33रात
मंगल02:3303:36रात
सूर्य03:3604:38रात
शुक्र04:3805:40रात

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।