26 फ़रवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (00:33, 27 फ़र॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (12:11 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:14
रात 05:38 तक
तिथि
दशमी, 00:33 तक
एकादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 12:11 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:39 – 07:06शुभ
रोग07:06 – 08:33टालें
उद्वेग08:33 – 10:00टालें
चर10:00 – 11:27सामान्य
लाभ11:27 – 12:54शुभ
अमृत12:54 – 14:21शुभ
काल14:21 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:14 – 18:47शुभ
चर18:47 – 20:20सामान्य
रोग20:20 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:26टालें
लाभ23:26 – 00:59शुभ
उद्वेग00:59 – 02:32टालें
शुभ02:32 – 04:05शुभ
अमृत04:05 – 05:38शुभ

26 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 00:33, 27 फ़र॰ तक
शुक्ल एकादशी 22:33, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 10:49, 27 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 22:33 तक
आयुष्मान 19:43, 27 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 13:37 तक
गर 00:33, 27 फ़र॰ तक
वणिज 11:32, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
11:56
चंद्रास्त
01:23
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:21
यमगंड
05:39 – 07:06
गुलिक काल
08:33 – 10:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3906:37दिन
मंगल06:3707:35दिन
सूर्य07:3508:33दिन
शुक्र08:3309:31दिन
बुध09:3110:29दिन
चंद्र10:2911:27दिन
शनि11:2712:25दिन
गुरु12:2513:23दिन
मंगल13:2314:21दिन
सूर्य14:2115:18दिन
शुक्र15:1816:16दिन
बुध16:1617:14दिन
चंद्र17:1418:16रात
शनि18:1619:18रात
गुरु19:1820:20रात
मंगल20:2021:22रात
सूर्य21:2222:24रात
शुक्र22:2423:26रात
बुध23:2600:28रात
चंद्र00:2801:30रात
शनि01:3002:32रात
गुरु02:3203:34रात
मंगल03:3404:36रात
सूर्य04:3605:38रात

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।