11 मार्च 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 11 मार्च 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 11 मार्च 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (04:19, 12 मार्च तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (22:00 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 11:24 से 12:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:21
रात 05:26 तक
तिथि
अष्टमी, 04:19 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 22:00 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:27 – 06:56शुभ
अमृत06:56 – 08:26शुभ
काल08:26 – 09:55टालें
शुभ09:55 – 11:24शुभ
रोग11:24 – 12:53टालें
उद्वेग12:53 – 14:22टालें
चर14:22 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:21 – 18:51टालें
शुभ18:51 – 20:22शुभ
अमृत20:22 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:23सामान्य
रोग23:23 – 00:54टालें
काल00:54 – 02:25टालें
लाभ02:25 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:26टालें

11 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 04:19, 12 मार्च तक
कृष्ण नवमी 06:29, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 00:43, 13 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 09:12 तक
सिद्धि 09:58, 12 मार्च तक
करण
बालव 15:08 तक
कौलव 04:19, 12 मार्च तक
तैतिल 17:27, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:08
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:24 – 12:53
यमगंड
06:56 – 08:26
गुलिक काल
09:55 – 11:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2706:27दिन
चंद्र06:2707:26दिन
शनि07:2608:26दिन
गुरु08:2609:25दिन
मंगल09:2510:24दिन
सूर्य10:2411:24दिन
शुक्र11:2412:23दिन
बुध12:2313:23दिन
चंद्र13:2314:22दिन
शनि14:2215:22दिन
गुरु15:2216:21दिन
मंगल16:2117:21दिन
सूर्य17:2118:21रात
शुक्र18:2119:22रात
बुध19:2220:22रात
चंद्र20:2221:23रात
शनि21:2322:23रात
गुरु22:2323:23रात
मंगल23:2300:24रात
सूर्य00:2401:24रात
शुक्र01:2402:25रात
बुध02:2503:25रात
चंद्र03:2504:26रात
शनि04:2605:26रात

अयनांश 24.2229° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।