15 मार्च 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 15 मार्च 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 15 मार्च 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (09:17 तक), नक्षत्र श्रवण (05:56, 16 मार्च तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 17:23
रात 05:22 तक
तिथि
एकादशी, 09:17 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:23 – 06:53टालें
चर06:53 – 08:23सामान्य
लाभ08:23 – 09:53शुभ
अमृत09:53 – 11:23शुभ
काल11:23 – 12:53टालें
शुभ12:53 – 14:23शुभ
रोग14:23 – 15:53टालें
उद्वेग15:53 – 17:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:23 – 18:52शुभ
अमृत18:52 – 20:22शुभ
चर20:22 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:22टालें
काल23:22 – 00:52टालें
लाभ00:52 – 02:22शुभ
उद्वेग02:22 – 03:52टालें
शुभ03:52 – 05:22शुभ

15 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 09:17 तक
कृष्ण द्वादशी 09:41, 16 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 05:56, 16 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 10:25 तक
शिव 09:36, 16 मार्च तक
करण
बालव 09:17 तक
कौलव 21:34 तक
तैतिल 09:41, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
02:53
चंद्रास्त
13:50
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:23
यमगंड
11:23 – 12:53
गुलिक काल
14:23 – 15:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2306:23दिन
शुक्र06:2307:23दिन
बुध07:2308:23दिन
चंद्र08:2309:23दिन
शनि09:2310:23दिन
गुरु10:2311:23दिन
मंगल11:2312:23दिन
सूर्य12:2313:23दिन
शुक्र13:2314:23दिन
बुध14:2315:23दिन
चंद्र15:2316:23दिन
शनि16:2317:23दिन
गुरु17:2318:22रात
मंगल18:2219:22रात
सूर्य19:2220:22रात
शुक्र20:2221:22रात
बुध21:2222:22रात
चंद्र22:2223:22रात
शनि23:2200:22रात
गुरु00:2201:22रात
मंगल01:2202:22रात
सूर्य02:2203:22रात
शुक्र03:2204:22रात
बुध04:2205:22रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।