16 मार्च 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 16 मार्च 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 मार्च 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:41 तक), नक्षत्र श्रवण (05:56 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 06:52 से 08:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:23
रात 05:21 तक
तिथि
द्वादशी, 09:41 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:22 – 06:52शुभ
काल06:52 – 08:22टालें
शुभ08:22 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:23टालें
उद्वेग11:23 – 12:53टालें
चर12:53 – 14:23सामान्य
लाभ14:23 – 15:53शुभ
अमृत15:53 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:23 – 18:53सामान्य
रोग18:53 – 20:23टालें
काल20:23 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:22शुभ
उद्वेग23:22 – 00:52टालें
शुभ00:52 – 02:22शुभ
अमृत02:22 – 03:51शुभ
चर03:51 – 05:21सामान्य

16 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:41 तक
कृष्ण त्रयोदशी 09:23, 17 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 05:56 तक
धनिष्ठा 06:22, 17 मार्च तक
योग
शिव 09:36 तक
सिद्ध 08:15, 17 मार्च तक
करण
तैतिल 09:41 तक
गर 21:37 तक
वणिज 09:23, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 18:14 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
14:49
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
06:52 – 08:22
यमगंड
09:52 – 11:23
गुलिक काल
12:53 – 14:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2206:22दिन
शनि06:2207:22दिन
गुरु07:2208:22दिन
मंगल08:2209:22दिन
सूर्य09:2210:23दिन
शुक्र10:2311:23दिन
बुध11:2312:23दिन
चंद्र12:2313:23दिन
शनि13:2314:23दिन
गुरु14:2315:23दिन
मंगल15:2316:23दिन
सूर्य16:2317:23दिन
शुक्र17:2318:23रात
बुध18:2319:23रात
चंद्र19:2320:23रात
शनि20:2321:22रात
गुरु21:2222:22रात
मंगल22:2223:22रात
सूर्य23:2200:22रात
शुक्र00:2201:22रात
बुध01:2202:22रात
चंद्र02:2203:21रात
शनि03:2104:21रात
गुरु04:2105:21रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।