4 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 4 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (05:52 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (00:14, 5 अक्टू॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 15:29 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 16:58
रात 05:07 तक
तिथि
नवमी, 03:54 तक
दशमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 00:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:07 – 06:36टालें
चर06:36 – 08:05सामान्य
लाभ08:05 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 14:00शुभ
रोग14:00 – 15:29टालें
उद्वेग15:29 – 16:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:58 – 18:29शुभ
अमृत18:29 – 20:00शुभ
चर20:00 – 21:31सामान्य
रोग21:31 – 23:03टालें
काल23:03 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:36टालें
शुभ03:36 – 05:07शुभ

4 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 05:52 तक
कृष्ण नवमी 03:54, 5 अक्टू॰ तक
कृष्ण दशमी 02:07, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 00:14, 5 अक्टू॰ तक
पुष्य 23:09, 5 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 12:32 तक
शिव 09:51, 5 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 05:52 तक
तैतिल 16:51 तक
गर 03:54, 5 अक्टू॰ तक
वणिज 14:59, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 18:32 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
23:34
चंद्रास्त
12:43
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
10:39 – 11:26

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 16:58
यमगंड
11:02 – 12:31
गुलिक काल
14:00 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0706:06दिन
शुक्र06:0607:05दिन
बुध07:0508:05दिन
चंद्र08:0509:04दिन
शनि09:0410:03दिन
गुरु10:0311:02दिन
मंगल11:0212:02दिन
सूर्य12:0213:01दिन
शुक्र13:0114:00दिन
बुध14:0014:59दिन
चंद्र14:5915:59दिन
शनि15:5916:58दिन
गुरु16:5817:59रात
मंगल17:5918:59रात
सूर्य18:5920:00रात
शुक्र20:0021:01रात
बुध21:0122:02रात
चंद्र22:0223:03रात
शनि23:0300:03रात
गुरु00:0301:04रात
मंगल01:0402:05रात
सूर्य02:0503:06रात
शुक्र03:0604:06रात
बुध04:0605:07रात

अयनांश 24.2308° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।