14 नवंबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 14 नवंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 नवंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (23:24 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (20:24 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 16:27 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 16:27
रात 05:30 तक
तिथि
पंचमी, 23:24 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 20:24 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:29 – 06:51टालें
शुभ06:51 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:36टालें
उद्वेग09:36 – 10:58टालें
चर10:58 – 12:20सामान्य
लाभ12:20 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:05शुभ
काल15:05 – 16:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:27 – 18:05शुभ
उद्वेग18:05 – 19:43टालें
शुभ19:43 – 21:20शुभ
अमृत21:20 – 22:58शुभ
चर22:58 – 00:36सामान्य
रोग00:36 – 02:14टालें
काल02:14 – 03:52टालें
लाभ03:52 – 05:30शुभ

14 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:24 तक
शुक्ल षष्ठी 02:01, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:29, 15 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 06:22, 15 नव॰ तक
करण
बव 10:03 तक
बालव 23:24 तक
कौलव 12:44, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
धनु 03:11, 15 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
16:27
चंद्रोदय
09:42
चंद्रास्त
20:22
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
10:36 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:36
यमगंड
12:20 – 13:42
गुलिक काल
05:29 – 06:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2906:24दिन
गुरु06:2407:19दिन
मंगल07:1908:14दिन
सूर्य08:1409:08दिन
शुक्र09:0810:03दिन
बुध10:0310:58दिन
चंद्र10:5811:53दिन
शनि11:5312:48दिन
गुरु12:4813:42दिन
मंगल13:4214:37दिन
सूर्य14:3715:32दिन
शुक्र15:3216:27दिन
बुध16:2717:32रात
चंद्र17:3218:37रात
शनि18:3719:43रात
गुरु19:4320:48रात
मंगल20:4821:53रात
सूर्य21:5322:58रात
शुक्र22:5800:04रात
बुध00:0401:09रात
चंद्र01:0902:14रात
शनि02:1403:19रात
गुरु03:1904:25रात
मंगल04:2505:30रात

अयनांश 24.2324° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।