22 जनवरी 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 जनवरी 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 जनवरी 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (17:47 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (10:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 16:51 पर है। राहुकाल 10:04 से 11:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 16:51
रात 05:59 तक
तिथि
पूर्णिमा, 17:47 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुनर्वसु, 10:25 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:59 – 07:21सामान्य
लाभ07:21 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:04शुभ
काल10:04 – 11:25टालें
शुभ11:25 – 12:47शुभ
रोग12:47 – 14:08टालें
उद्वेग14:08 – 15:30टालें
चर15:30 – 16:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:51 – 18:30टालें
काल18:30 – 20:08टालें
लाभ20:08 – 21:47शुभ
उद्वेग21:47 – 23:25टालें
शुभ23:25 – 01:04शुभ
अमृत01:04 – 02:42शुभ
चर02:42 – 04:21सामान्य
रोग04:21 – 05:59टालें

22 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 17:47 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:13, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 07:31, 23 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:50 तक
प्रीति 09:38, 23 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:38 तक
बव 17:47 तक
बालव 03:58, 23 जन॰ तक
कौलव 14:13, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
16:51
चंद्रोदय
16:43
चंद्रास्त
05:42
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
10:04 – 11:25
यमगंड
14:08 – 15:30
गुलिक काल
07:21 – 08:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5906:54दिन
बुध06:5407:48दिन
चंद्र07:4808:42दिन
शनि08:4209:37दिन
गुरु09:3710:31दिन
मंगल10:3111:25दिन
सूर्य11:2512:20दिन
शुक्र12:2013:14दिन
बुध13:1414:08दिन
चंद्र14:0815:03दिन
शनि15:0315:57दिन
गुरु15:5716:51दिन
मंगल16:5117:57रात
सूर्य17:5719:02रात
शुक्र19:0220:08रात
बुध20:0821:14रात
चंद्र21:1422:19रात
शनि22:1923:25रात
गुरु23:2500:31रात
मंगल00:3101:36रात
सूर्य01:3602:42रात
शुक्र02:4203:48रात
बुध03:4804:54रात
चंद्र04:5405:59रात

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।