10 फ़रवरी 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 10 फ़रवरी 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 फ़रवरी 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (03:05, 11 फ़र॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:56, 11 फ़र॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:05 पर है। राहुकाल 11:28 से 12:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:05
रात 05:51 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:05 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:56 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:52 – 07:16शुभ
अमृत07:16 – 08:40शुभ
काल08:40 – 10:04टालें
शुभ10:04 – 11:28शुभ
रोग11:28 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:16टालें
चर14:16 – 15:40सामान्य
लाभ15:40 – 17:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:05 – 18:40टालें
शुभ18:40 – 20:16शुभ
अमृत20:16 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:28सामान्य
रोग23:28 – 01:04टालें
काल01:04 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 04:15शुभ
उद्वेग04:15 – 05:51टालें

10 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 03:05, 11 फ़र॰ तक
शुक्ल पंचमी 03:18, 12 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:56, 11 फ़र॰ तक
रेवती 05:42, 12 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 21:13 तक
साध्य 20:20, 11 फ़र॰ तक
करण
वणिज 14:46 तक
विष्टि (भद्रा) 03:05, 11 फ़र॰ तक
बव 15:15, 11 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:05
चंद्रोदय
07:43
चंद्रास्त
20:20
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:28 – 12:52
यमगंड
07:16 – 08:40
गुलिक काल
10:04 – 11:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5206:48दिन
चंद्र06:4807:44दिन
शनि07:4408:40दिन
गुरु08:4009:36दिन
मंगल09:3610:32दिन
सूर्य10:3211:28दिन
शुक्र11:2812:24दिन
बुध12:2413:20दिन
चंद्र13:2014:16दिन
शनि14:1615:12दिन
गुरु15:1216:09दिन
मंगल16:0917:05दिन
सूर्य17:0518:08रात
शुक्र18:0819:12रात
बुध19:1220:16रात
चंद्र20:1621:20रात
शनि21:2022:24रात
गुरु22:2423:28रात
मंगल23:2800:32रात
सूर्य00:3201:35रात
शुक्र01:3502:39रात
बुध02:3903:43रात
चंद्र03:4304:47रात
शनि04:4705:51रात

अयनांश 24.2358° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।