3 मार्च 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 3 मार्च 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 मार्च 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (07:24, 4 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (22:34 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 11:26 से 12:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 17:17
रात 05:34 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 22:34 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:35 – 07:03शुभ
अमृत07:03 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:58टालें
शुभ09:58 – 11:26शुभ
रोग11:26 – 12:54टालें
उद्वेग12:54 – 14:21टालें
चर14:21 – 15:49सामान्य
लाभ15:49 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:17 – 18:49टालें
शुभ18:49 – 20:21शुभ
अमृत20:21 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 00:58टालें
काल00:58 – 02:30टालें
लाभ02:30 – 04:02शुभ
उद्वेग04:02 – 05:34टालें

3 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 07:24, 4 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:35, 5 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 01:06, 4 मार्च तक
वरीयान 02:00, 5 मार्च तक
करण
बव 18:05 तक
बालव 07:24, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 05:20, 4 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
02:14
चंद्रास्त
12:51
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:49 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:26 – 12:54
यमगंड
07:03 – 08:30
गुलिक काल
09:58 – 11:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3506:34दिन
चंद्र06:3407:32दिन
शनि07:3208:30दिन
गुरु08:3009:29दिन
मंगल09:2910:27दिन
सूर्य10:2711:26दिन
शुक्र11:2612:24दिन
बुध12:2413:23दिन
चंद्र13:2314:21दिन
शनि14:2115:20दिन
गुरु15:2016:18दिन
मंगल16:1817:17दिन
सूर्य17:1718:18रात
शुक्र18:1819:20रात
बुध19:2020:21रात
चंद्र20:2121:23रात
शनि21:2322:24रात
गुरु22:2423:25रात
मंगल23:2500:27रात
सूर्य00:2701:28रात
शुक्र01:2802:30रात
बुध02:3003:31रात
चंद्र03:3104:33रात
शनि04:3305:34रात

अयनांश 24.2366° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।