1 अप्रैल 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (00:45, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (09:25 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 12:51 से 14:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 17:30
रात 05:05 तक
तिथि
दशमी, 00:45 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 09:25 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:06 – 06:39शुभ
रोग06:39 – 08:12टालें
उद्वेग08:12 – 09:45टालें
चर09:45 – 11:18सामान्य
लाभ11:18 – 12:51शुभ
अमृत12:51 – 14:24शुभ
काल14:24 – 15:57टालें
शुभ15:57 – 17:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:30 – 18:57शुभ
चर18:57 – 20:24सामान्य
रोग20:24 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:17टालें
लाभ23:17 – 00:44शुभ
उद्वेग00:44 – 02:11टालें
शुभ02:11 – 03:38शुभ
अमृत03:38 – 05:05शुभ

1 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 00:45, 2 अप्रैल तक
कृष्ण एकादशी 02:52, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 12:16, 2 अप्रैल तक
योग
शिव 08:52 तक
सिद्ध 09:41, 2 अप्रैल तक
करण
वणिज 11:33 तक
विष्टि (भद्रा) 00:45, 2 अप्रैल तक
बव 13:52, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
01:32
चंद्रास्त
12:31
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:33 – 04:20
अभिजीत मुहूर्त
10:53 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
12:51 – 14:24
यमगंड
05:06 – 06:39
गुलिक काल
08:12 – 09:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0606:08दिन
मंगल06:0807:10दिन
सूर्य07:1008:12दिन
शुक्र08:1209:14दिन
बुध09:1410:16दिन
चंद्र10:1611:18दिन
शनि11:1812:20दिन
गुरु12:2013:22दिन
मंगल13:2214:24दिन
सूर्य14:2415:26दिन
शुक्र15:2616:28दिन
बुध16:2817:30दिन
चंद्र17:3018:28रात
शनि18:2819:26रात
गुरु19:2620:24रात
मंगल20:2421:22रात
सूर्य21:2222:19रात
शुक्र22:1923:17रात
बुध23:1700:15रात
चंद्र00:1501:13रात
शनि01:1302:11रात
गुरु02:1103:09रात
मंगल03:0904:07रात
सूर्य04:0705:05रात

अयनांश 24.2377° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।