31 अगस्त 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 31 अगस्त 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 अगस्त 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (23:11 तक), नक्षत्र मघा (22:20 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 04:54 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 14:24 से 15:59 तक है।

दिन और रात
दिन 04:54 – 17:34
रात 04:55 तक
तिथि
अमावस्या, 23:11 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 22:20 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:54 – 06:29टालें
उद्वेग06:29 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:39सामान्य
लाभ09:39 – 11:14शुभ
अमृत11:14 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:59शुभ
रोग15:59 – 17:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:34 – 18:59टालें
लाभ18:59 – 20:24शुभ
उद्वेग20:24 – 21:49टालें
शुभ21:49 – 23:14शुभ
अमृत23:14 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:04सामान्य
रोग02:04 – 03:29टालें
काल03:29 – 04:55टालें

31 अगस्त 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 23:11 तक
शुक्ल प्रतिपदा 19:50, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:20 तक
पूर्वा फाल्गुनी 19:48, 1 सित॰ तक
योग
शिव 21:36 तक
सिद्ध 17:45, 1 सित॰ तक
करण
चतुष्पद 12:55 तक
नाग 23:11 तक
किंस्तुघ्न 09:29, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:54
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
04:09
चंद्रास्त
17:12
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:24 – 04:09
अभिजीत मुहूर्त
10:49 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
14:24 – 15:59
यमगंड
08:04 – 09:39
गुलिक काल
11:14 – 12:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5405:57दिन
सूर्य05:5707:01दिन
शुक्र07:0108:04दिन
बुध08:0409:07दिन
चंद्र09:0710:11दिन
शनि10:1111:14दिन
गुरु11:1412:17दिन
मंगल12:1713:21दिन
सूर्य13:2114:24दिन
शुक्र14:2415:27दिन
बुध15:2716:31दिन
चंद्र16:3117:34दिन
शनि17:3418:31रात
गुरु18:3119:27रात
मंगल19:2720:24रात
सूर्य20:2421:21रात
शुक्र21:2122:17रात
बुध22:1723:14रात
चंद्र23:1400:11रात
शनि00:1101:08रात
गुरु01:0802:04रात
मंगल02:0403:01रात
सूर्य03:0103:58रात
शुक्र03:5804:55रात

अयनांश 24.2435° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।