10 सितंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 सितंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 सितंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (17:00 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:50 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 09:37 से 11:11 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 17:24
रात 04:58 तक
तिथि
दशमी, 17:00 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:50 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:58 – 06:31सामान्य
लाभ06:31 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:37शुभ
काल09:37 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:44शुभ
रोग12:44 – 14:17टालें
उद्वेग14:17 – 15:50टालें
चर15:50 – 17:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:24 – 18:50टालें
काल18:50 – 20:17टालें
लाभ20:17 – 21:44शुभ
उद्वेग21:44 – 23:11टालें
शुभ23:11 – 00:38शुभ
अमृत00:38 – 02:05शुभ
चर02:05 – 03:31सामान्य
रोग03:31 – 04:58टालें

10 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 17:00 तक
शुक्ल एकादशी 19:36, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:58, 12 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 05:38, 11 सित॰ तक
करण
गर 17:00 तक
वणिज 06:17, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
13:57
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:25 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
10:46 – 11:36

अशुभ समय

राहुकाल
09:37 – 11:11
यमगंड
14:17 – 15:50
गुलिक काल
06:31 – 08:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5806:00दिन
बुध06:0007:02दिन
चंद्र07:0208:04दिन
शनि08:0409:06दिन
गुरु09:0610:09दिन
मंगल10:0911:11दिन
सूर्य11:1112:13दिन
शुक्र12:1313:15दिन
बुध13:1514:17दिन
चंद्र14:1715:19दिन
शनि15:1916:21दिन
गुरु16:2117:24दिन
मंगल17:2418:21रात
सूर्य18:2119:19रात
शुक्र19:1920:17रात
बुध20:1721:15रात
चंद्र21:1522:13रात
शनि22:1323:11रात
गुरु23:1100:09रात
मंगल00:0901:07रात
सूर्य01:0702:05रात
शुक्र02:0503:02रात
बुध03:0204:00रात
चंद्र04:0004:58रात

अयनांश 24.2439° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।