19 सितंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 19 सितंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 19 सितंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (07:09 तक), नक्षत्र अश्विनी (17:41 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:01 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 15:42 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:01 – 17:14
रात 05:01 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
अश्विनी, 17:41 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:01 – 06:33टालें
चर06:33 – 08:04सामान्य
लाभ08:04 – 09:36शुभ
अमृत09:36 – 11:07शुभ
काल11:07 – 12:39टालें
शुभ12:39 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:14 – 18:42शुभ
अमृत18:42 – 20:11शुभ
चर20:11 – 21:39सामान्य
रोग21:39 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:36टालें
लाभ00:36 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:33टालें
शुभ03:33 – 05:01शुभ

19 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 07:09 तक
कृष्ण चतुर्थी 07:09, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:09, 20 सित॰ तक
योग
ध्रुव 08:19 तक
व्याघातअशुभ 07:14, 20 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:09 तक
बव 19:12 तक
बालव 07:09, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:01
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
19:01
चंद्रास्त
07:48
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:14
अभिजीत मुहूर्त
10:43 – 11:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:42 – 17:14
यमगंड
11:07 – 12:39
गुलिक काल
14:11 – 15:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0106:02दिन
शुक्र06:0207:03दिन
बुध07:0308:04दिन
चंद्र08:0409:05दिन
शनि09:0510:06दिन
गुरु10:0611:07दिन
मंगल11:0712:09दिन
सूर्य12:0913:10दिन
शुक्र13:1014:11दिन
बुध14:1115:12दिन
चंद्र15:1216:13दिन
शनि16:1317:14दिन
गुरु17:1418:13रात
मंगल18:1319:12रात
सूर्य19:1220:11रात
शुक्र20:1121:10रात
बुध21:1022:09रात
चंद्र22:0923:08रात
शनि23:0800:07रात
गुरु00:0701:06रात
मंगल01:0602:05रात
सूर्य02:0503:03रात
शुक्र03:0304:02रात
बुध04:0205:01रात

अयनांश 24.2442° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।