14 अक्टूबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (18:49 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (22:30 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 16:48 पर है। राहुकाल 12:27 से 13:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 16:48
रात 05:12 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:49 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 22:30 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:11 – 06:38शुभ
रोग06:38 – 08:05टालें
उद्वेग08:05 – 09:33टालें
चर09:33 – 11:00सामान्य
लाभ11:00 – 12:27शुभ
अमृत12:27 – 13:54शुभ
काल13:54 – 15:21टालें
शुभ15:21 – 16:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:48 – 18:21शुभ
चर18:21 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:27टालें
काल21:27 – 23:00टालें
लाभ23:00 – 00:33शुभ
उद्वेग00:33 – 02:06टालें
शुभ02:06 – 03:39शुभ
अमृत03:39 – 05:12शुभ

14 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 18:49 तक
पूर्णिमा 19:16, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:29, 15 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 16:16 तक
व्याघातअशुभ 15:35, 15 अक्टू॰ तक
करण
गर 06:23 तक
वणिज 18:49 तक
विष्टि (भद्रा) 07:07, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
16:48
चंद्रोदय
15:51
चंद्रास्त
03:50
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:32 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
10:36 – 11:23

अशुभ समय

राहुकाल
12:27 – 13:54
यमगंड
05:11 – 06:38
गुलिक काल
08:05 – 09:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1106:09दिन
मंगल06:0907:07दिन
सूर्य07:0708:05दिन
शुक्र08:0509:03दिन
बुध09:0310:02दिन
चंद्र10:0211:00दिन
शनि11:0011:58दिन
गुरु11:5812:56दिन
मंगल12:5613:54दिन
सूर्य13:5414:52दिन
शुक्र14:5215:50दिन
बुध15:5016:48दिन
चंद्र16:4817:50रात
शनि17:5018:52रात
गुरु18:5219:54रात
मंगल19:5420:56रात
सूर्य20:5621:58रात
शुक्र21:5823:00रात
बुध23:0000:02रात
चंद्र00:0201:04रात
शनि01:0402:06रात
गुरु02:0603:08रात
मंगल03:0804:10रात
सूर्य04:1005:12रात

अयनांश 24.2452° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।