23 नवंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 23 नवंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 नवंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (13:45 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (19:43 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 16:25 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 16:25
रात 05:36 तक
तिथि
दशमी, 13:45 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 19:43 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:35 – 06:56टालें
उद्वेग06:56 – 08:18टालें
चर08:18 – 09:39सामान्य
लाभ09:39 – 11:00शुभ
अमृत11:00 – 12:21शुभ
काल12:21 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:03शुभ
रोग15:03 – 16:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:25 – 18:03टालें
लाभ18:03 – 19:42शुभ
उद्वेग19:42 – 21:21टालें
शुभ21:21 – 23:00शुभ
अमृत23:00 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:18सामान्य
रोग02:18 – 03:57टालें
काल03:57 – 05:36टालें

23 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 13:45 तक
कृष्ण एकादशी 12:11, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:53, 24 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:08 तक
प्रीति 11:40, 24 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:45 तक
बव 00:57, 24 नव॰ तक
बालव 12:11, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
16:25
चंद्रोदय
00:39
चंद्रास्त
12:52
दिनमान
10h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:03
यमगंड
08:18 – 09:39
गुलिक काल
11:00 – 12:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3506:29दिन
सूर्य06:2907:23दिन
शुक्र07:2308:18दिन
बुध08:1809:12दिन
चंद्र09:1210:06दिन
शनि10:0611:00दिन
गुरु11:0011:54दिन
मंगल11:5412:48दिन
सूर्य12:4813:42दिन
शुक्र13:4214:36दिन
बुध14:3615:30दिन
चंद्र15:3016:25दिन
शनि16:2517:30रात
गुरु17:3018:36रात
मंगल18:3619:42रात
सूर्य19:4220:48रात
शुक्र20:4821:54रात
बुध21:5423:00रात
चंद्र23:0000:06रात
शनि00:0601:12रात
गुरु01:1202:18रात
मंगल02:1803:24रात
सूर्य03:2404:30रात
शुक्र04:3005:36रात

अयनांश 24.2467° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।