18 दिसंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 18 दिसंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 18 दिसंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (07:58 तक), नक्षत्र मघा (03:30, 19 दिस॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 16:28 पर है। राहुकाल 08:31 से 09:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 16:28
रात 05:52 तक
तिथि
षष्ठी, 05:36 तक
नक्षत्र
मघा, 03:30 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:52 – 07:11टालें
शुभ07:11 – 08:31शुभ
रोग08:31 – 09:51टालें
उद्वेग09:51 – 11:10टालें
चर11:10 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 13:49शुभ
अमृत13:49 – 15:09शुभ
काल15:09 – 16:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:28 – 18:09शुभ
उद्वेग18:09 – 19:49टालें
शुभ19:49 – 21:30शुभ
अमृत21:30 – 23:10शुभ
चर23:10 – 00:51सामान्य
रोग00:51 – 02:31टालें
काल02:31 – 04:12टालें
लाभ04:12 – 05:52शुभ

18 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 07:58 तक
कृष्ण षष्ठी 05:36, 19 दिस॰ तक
कृष्ण सप्तमी 03:34, 20 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 03:30, 19 दिस॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 02:07, 20 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 23:35 तक
प्रीति 20:37, 19 दिस॰ तक
करण
तैतिल 07:58 तक
गर 18:45 तक
वणिज 05:36, 19 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:32, 19 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
16:28
चंद्रोदय
21:32
चंद्रास्त
09:40
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
10:49 – 11:31

अशुभ समय

राहुकाल
08:31 – 09:51
यमगंड
12:30 – 13:49
गुलिक काल
05:52 – 07:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5206:45दिन
गुरु06:4507:38दिन
मंगल07:3808:31दिन
सूर्य08:3109:24दिन
शुक्र09:2410:17दिन
बुध10:1711:10दिन
चंद्र11:1012:03दिन
शनि12:0312:56दिन
गुरु12:5613:49दिन
मंगल13:4914:42दिन
सूर्य14:4215:35दिन
शुक्र15:3516:28दिन
बुध16:2817:35रात
चंद्र17:3518:42रात
शनि18:4219:49रात
गुरु19:4920:56रात
मंगल20:5622:03रात
सूर्य22:0323:10रात
शुक्र23:1000:17रात
बुध00:1701:24रात
चंद्र01:2402:31रात
शनि02:3103:38रात
गुरु03:3804:45रात
मंगल04:4505:52रात

अयनांश 24.2477° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।