23 फ़रवरी 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 23 फ़रवरी 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 23 फ़रवरी 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (10:44 तक), नक्षत्र श्रवण (01:57, 24 फ़र॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 11:27 से 12:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:12
रात 05:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:44 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
श्रवण, 01:57 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:42 – 07:09शुभ
अमृत07:09 – 08:35शुभ
काल08:35 – 10:01टालें
शुभ10:01 – 11:27शुभ
रोग11:27 – 12:54टालें
उद्वेग12:54 – 14:20टालें
चर14:20 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:12 – 18:46टालें
शुभ18:46 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:27सामान्य
रोग23:27 – 01:01टालें
काल01:01 – 02:34टालें
लाभ02:34 – 04:08शुभ
उद्वेग04:08 – 05:41टालें

23 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 10:44 तक
कृष्ण चतुर्दशी 13:27, 24 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 01:57, 24 फ़र॰ तक
धनिष्ठा 05:05, 25 फ़र॰ तक
योग
वरीयान 18:47 तक
परिघअशुभ 19:47, 24 फ़र॰ तक
करण
वणिज 10:44 तक
विष्टि (भद्रा) 00:05, 24 फ़र॰ तक
शकुनि 13:27, 24 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
04:16
चंद्रास्त
15:30
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:27 – 12:54
यमगंड
07:09 – 08:35
गुलिक काल
10:01 – 11:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4206:40दिन
चंद्र06:4007:37दिन
शनि07:3708:35दिन
गुरु08:3509:32दिन
मंगल09:3210:30दिन
सूर्य10:3011:27दिन
शुक्र11:2712:25दिन
बुध12:2513:22दिन
चंद्र13:2214:20दिन
शनि14:2015:17दिन
गुरु15:1716:15दिन
मंगल16:1517:12दिन
सूर्य17:1218:15रात
शुक्र18:1519:17रात
बुध19:1720:20रात
चंद्र20:2021:22रात
शनि21:2222:24रात
गुरु22:2423:27रात
मंगल23:2700:29रात
सूर्य00:2901:32रात
शुक्र01:3202:34रात
बुध02:3403:37रात
चंद्र03:3704:39रात
शनि04:3905:41रात

अयनांश 24.2502° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।