11 मार्च 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 11 मार्च 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 मार्च 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:36 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (06:29 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 08:25 से 09:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:21
रात 05:26 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:56 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:37 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:27 – 06:56टालें
शुभ06:56 – 08:25शुभ
रोग08:25 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:24टालें
चर11:24 – 12:53सामान्य
लाभ12:53 – 14:22शुभ
अमृत14:22 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:21 – 18:52शुभ
उद्वेग18:52 – 20:22टालें
शुभ20:22 – 21:53शुभ
अमृत21:53 – 23:23शुभ
चर23:23 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:25टालें
काल02:25 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:26शुभ

11 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 06:36 तक
कृष्ण प्रतिपदा 02:56, 12 मार्च तक
कृष्ण द्वितीया 23:34, 12 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 03:37, 12 मार्च तक
हस्त 01:01, 13 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 16:17 तक
गंडअशुभ 12:11, 12 मार्च तक
करण
बव 06:36 तक
बालव 16:44 तक
कौलव 02:56, 12 मार्च तक
तैतिल 13:12, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 11:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
17:48
चंद्रास्त
05:15
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
08:25 – 09:55
यमगंड
12:53 – 14:22
गुलिक काल
05:27 – 06:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2706:26दिन
गुरु06:2607:26दिन
मंगल07:2608:25दिन
सूर्य08:2509:25दिन
शुक्र09:2510:24दिन
बुध10:2411:24दिन
चंद्र11:2412:23दिन
शनि12:2313:23दिन
गुरु13:2314:22दिन
मंगल14:2215:22दिन
सूर्य15:2216:21दिन
शुक्र16:2117:21दिन
बुध17:2118:21रात
चंद्र18:2119:22रात
शनि19:2220:22रात
गुरु20:2221:23रात
मंगल21:2322:23रात
सूर्य22:2323:23रात
शुक्र23:2300:24रात
बुध00:2401:24रात
चंद्र01:2402:25रात
शनि02:2503:25रात
गुरु03:2504:25रात
मंगल04:2505:26रात

अयनांश 24.2509° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।