22 मार्च 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 22 मार्च 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 मार्च 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (02:56, 23 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (08:12 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 17:26 पर है। राहुकाल 11:21 से 12:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 17:26
रात 05:14 तक
तिथि
द्वादशी, 02:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण, 08:12 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:16 – 06:47शुभ
अमृत06:47 – 08:18शुभ
काल08:18 – 09:49टालें
शुभ09:49 – 11:21शुभ
रोग11:21 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:23टालें
चर14:23 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:26 – 18:54टालें
शुभ18:54 – 20:23शुभ
अमृत20:23 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:20सामान्य
रोग23:20 – 00:49टालें
काल00:49 – 02:17टालें
लाभ02:17 – 03:46शुभ
उद्वेग03:46 – 05:14टालें

22 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 02:56, 23 मार्च तक
कृष्ण त्रयोदशी 05:34, 24 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 08:12 तक
धनिष्ठा 11:22, 23 मार्च तक
योग
सिद्ध 00:58, 23 मार्च तक
साध्य 01:59, 24 मार्च तक
करण
कौलव 13:35 तक
तैतिल 02:56, 23 मार्च तक
गर 16:16, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 21:48 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
17:26
चंद्रोदय
02:51
चंद्रास्त
14:17
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:41 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:21 – 12:52
यमगंड
06:47 – 08:18
गुलिक काल
09:49 – 11:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1606:16दिन
चंद्र06:1607:17दिन
शनि07:1708:18दिन
गुरु08:1809:19दिन
मंगल09:1910:20दिन
सूर्य10:2011:21दिन
शुक्र11:2112:22दिन
बुध12:2213:22दिन
चंद्र13:2214:23दिन
शनि14:2315:24दिन
गुरु15:2416:25दिन
मंगल16:2517:26दिन
सूर्य17:2618:25रात
शुक्र18:2519:24रात
बुध19:2420:23रात
चंद्र20:2321:22रात
शनि21:2222:21रात
गुरु22:2123:20रात
मंगल23:2000:19रात
सूर्य00:1901:18रात
शुक्र01:1802:17रात
बुध02:1703:16रात
चंद्र03:1604:15रात
शनि04:1505:14रात

अयनांश 24.2513° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।