18 अप्रैल 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 18 अप्रैल 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 18 अप्रैल 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (13:37 तक), नक्षत्र श्रवण (15:11 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 04:49 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 14:25 से 16:01 तक है।

दिन और रात
दिन 04:49 – 17:38
रात 04:48 तक
तिथि
नवमी, 13:37 तक
दशमी
नक्षत्र
श्रवण, 15:11 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:49 – 06:25टालें
उद्वेग06:25 – 08:01टालें
चर08:01 – 09:37सामान्य
लाभ09:37 – 11:13शुभ
अमृत11:13 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:25टालें
शुभ14:25 – 16:01शुभ
रोग16:01 – 17:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:38 – 19:01टालें
लाभ19:01 – 20:25शुभ
उद्वेग20:25 – 21:49टालें
शुभ21:49 – 23:13शुभ
अमृत23:13 – 00:37शुभ
चर00:37 – 02:00सामान्य
रोग02:00 – 03:24टालें
काल03:24 – 04:48टालें

18 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण नवमी 13:37 तक
कृष्ण दशमी 16:14, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 15:11 तक
धनिष्ठा 18:19, 19 अप्रैल तक
योग
साध्य 06:31 तक
शुभ 07:33, 19 अप्रैल तक
करण
गर 13:37 तक
वणिज 02:56, 19 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 16:14, 19 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मकर 04:45, 19 अप्रैल तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:49
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
00:51
चंद्रास्त
12:11
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:19 – 04:04
अभिजीत मुहूर्त
10:48 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
14:25 – 16:01
यमगंड
08:01 – 09:37
गुलिक काल
11:13 – 12:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:4905:53दिन
सूर्य05:5306:57दिन
शुक्र06:5708:01दिन
बुध08:0109:05दिन
चंद्र09:0510:09दिन
शनि10:0911:13दिन
गुरु11:1312:17दिन
मंगल12:1713:21दिन
सूर्य13:2114:25दिन
शुक्र14:2515:29दिन
बुध15:2916:33दिन
चंद्र16:3317:38दिन
शनि17:3818:33रात
गुरु18:3319:29रात
मंगल19:2920:25रात
सूर्य20:2521:21रात
शुक्र21:2122:17रात
बुध22:1723:13रात
चंद्र23:1300:09रात
शनि00:0901:04रात
गुरु01:0402:00रात
मंगल02:0002:56रात
सूर्य02:5603:52रात
शुक्र03:5204:48रात

अयनांश 24.2523° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।