29 सितंबर 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 29 सितंबर 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 29 सितंबर 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (12:07 तक), नक्षत्र श्रवण (10:00 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 17:02 पर है। राहुकाल 09:34 से 11:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 17:02
रात 05:05 तक
तिथि
एकादशी, 12:07 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण, 10:00 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:05 – 06:35सामान्य
लाभ06:35 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:34शुभ
काल09:34 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 14:03टालें
उद्वेग14:03 – 15:33टालें
चर15:33 – 17:02सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:02 – 18:33टालें
काल18:33 – 20:03टालें
लाभ20:03 – 21:34शुभ
उद्वेग21:34 – 23:04टालें
शुभ23:04 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:05शुभ
चर02:05 – 03:35सामान्य
रोग03:35 – 05:05टालें

29 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 12:07 तक
शुक्ल द्वादशी 14:34, 30 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 10:00 तक
धनिष्ठा 12:56, 30 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 05:43 तक
धृति 06:34, 30 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:07 तक
बव 01:19, 30 सित॰ तक
बालव 14:34, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 23:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
17:02
चंद्रोदय
14:29
चंद्रास्त
01:13
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
10:40 – 11:28

अशुभ समय

राहुकाल
09:34 – 11:04
यमगंड
14:03 – 15:33
गुलिक काल
06:35 – 08:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0506:05दिन
बुध06:0507:05दिन
चंद्र07:0508:04दिन
शनि08:0409:04दिन
गुरु09:0410:04दिन
मंगल10:0411:04दिन
सूर्य11:0412:04दिन
शुक्र12:0413:03दिन
बुध13:0314:03दिन
चंद्र14:0315:03दिन
शनि15:0316:03दिन
गुरु16:0317:02दिन
मंगल17:0218:03रात
सूर्य18:0319:03रात
शुक्र19:0320:03रात
बुध20:0321:03रात
चंद्र21:0322:04रात
शनि22:0423:04रात
गुरु23:0400:04रात
मंगल00:0401:04रात
सूर्य01:0402:05रात
शुक्र02:0503:05रात
बुध03:0504:05रात
चंद्र04:0505:05रात

अयनांश 24.2586° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।