26 अक्टूबर 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (01:20, 27 अक्टू॰ तक), नक्षत्र श्रवण (16:39 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 12:23 से 13:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 16:38
रात 05:18 तक
तिथि
नवमी, 01:20 तक
दशमी
नक्षत्र
श्रवण, 16:39 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:18 – 06:43शुभ
रोग06:43 – 08:08टालें
उद्वेग08:08 – 09:33टालें
चर09:33 – 10:58सामान्य
लाभ10:58 – 12:23शुभ
अमृत12:23 – 13:48शुभ
काल13:48 – 15:13टालें
शुभ15:13 – 16:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:38 – 18:13शुभ
चर18:13 – 19:48सामान्य
रोग19:48 – 21:23टालें
काल21:23 – 22:58टालें
लाभ22:58 – 00:33शुभ
उद्वेग00:33 – 02:08टालें
शुभ02:08 – 03:43शुभ
अमृत03:43 – 05:18शुभ

26 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 01:20, 27 अक्टू॰ तक
शुक्ल दशमी 03:47, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 16:39 तक
धनिष्ठा 19:29, 27 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 11:47 तक
गंडअशुभ 12:29, 27 अक्टू॰ तक
करण
बालव 12:14 तक
कौलव 01:20, 27 अक्टू॰ तक
तैतिल 14:32, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
12:29
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
12:23 – 13:48
यमगंड
05:18 – 06:43
गुलिक काल
08:08 – 09:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1806:14दिन
मंगल06:1407:11दिन
सूर्य07:1108:08दिन
शुक्र08:0809:04दिन
बुध09:0410:01दिन
चंद्र10:0110:58दिन
शनि10:5811:54दिन
गुरु11:5412:51दिन
मंगल12:5113:48दिन
सूर्य13:4814:44दिन
शुक्र14:4415:41दिन
बुध15:4116:38दिन
चंद्र16:3817:41रात
शनि17:4118:44रात
गुरु18:4419:48रात
मंगल19:4820:51रात
सूर्य20:5121:54रात
शुक्र21:5422:58रात
बुध22:5800:01रात
चंद्र00:0101:05रात
शनि01:0502:08रात
गुरु02:0803:11रात
मंगल03:1104:15रात
सूर्य04:1505:18रात

अयनांश 24.2596° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।