4 नवंबर 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 4 नवंबर 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 नवंबर 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (17:00 तक), नक्षत्र कृत्तिका (12:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 16:31 पर है। राहुकाल 08:10 से 09:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 16:31
रात 05:23 तक
तिथि
द्वितीया, 17:00 तक
तृतीया
नक्षत्र
कृत्तिका, 12:36 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:23 – 06:46टालें
शुभ06:46 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:34टालें
उद्वेग09:34 – 10:57टालें
चर10:57 – 12:21सामान्य
लाभ12:21 – 13:44शुभ
अमृत13:44 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:31 – 18:08शुभ
उद्वेग18:08 – 19:44टालें
शुभ19:44 – 21:21शुभ
अमृत21:21 – 22:57शुभ
चर22:57 – 00:34सामान्य
रोग00:34 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:47टालें
लाभ03:47 – 05:23शुभ

4 नवंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 17:00 तक
कृष्ण तृतीया 17:33, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:47, 5 नव॰ तक
योग
वरीयान 15:53 तक
परिघअशुभ 15:12, 5 नव॰ तक
करण
गर 17:00 तक
वणिज 05:19, 5 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:33, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
16:31
चंद्रोदय
17:47
चंद्रास्त
06:59
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:19

अशुभ समय

राहुकाल
08:10 – 09:34
यमगंड
12:21 – 13:44
गुलिक काल
05:23 – 06:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2306:19दिन
गुरु06:1907:14दिन
मंगल07:1408:10दिन
सूर्य08:1009:06दिन
शुक्र09:0610:01दिन
बुध10:0110:57दिन
चंद्र10:5711:53दिन
शनि11:5312:49दिन
गुरु12:4913:44दिन
मंगल13:4414:40दिन
सूर्य14:4015:36दिन
शुक्र15:3616:31दिन
बुध16:3117:36रात
चंद्र17:3618:40रात
शनि18:4019:44रात
गुरु19:4420:49रात
मंगल20:4921:53रात
सूर्य21:5322:57रात
शुक्र22:5700:02रात
बुध00:0201:06रात
चंद्र01:0602:10रात
शनि02:1003:15रात
गुरु03:1504:19रात
मंगल04:1905:23रात

अयनांश 24.2600° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।