20 दिसंबर 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 20 दिसंबर 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 दिसंबर 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (07:45 तक), नक्षत्र श्रवण (09:27 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 16:29 पर है। राहुकाल 11:11 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 16:29
रात 05:54 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
श्रवण, 09:27 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:53 – 07:13शुभ
अमृत07:13 – 08:32शुभ
काल08:32 – 09:52टालें
शुभ09:52 – 11:11शुभ
रोग11:11 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:10सामान्य
लाभ15:10 – 16:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:29 – 18:10टालें
शुभ18:10 – 19:51शुभ
अमृत19:51 – 21:31शुभ
चर21:31 – 23:12सामान्य
रोग23:12 – 00:52टालें
काल00:52 – 02:33टालें
लाभ02:33 – 04:13शुभ
उद्वेग04:13 – 05:54टालें

20 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 07:45 तक
शुक्ल पंचमी 09:23, 21 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:27 तक
धनिष्ठा 11:36, 21 दिस॰ तक
योग
हर्षण 01:20, 21 दिस॰ तक
वज्रअशुभ 01:43, 22 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:45 तक
बव 20:30 तक
बालव 09:23, 21 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 22:28 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
16:29
चंद्रोदय
08:57
चंद्रास्त
20:33
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
10:50 – 11:33 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:11 – 12:31
यमगंड
07:13 – 08:32
गुलिक काल
09:52 – 11:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5306:46दिन
चंद्र06:4607:39दिन
शनि07:3908:32दिन
गुरु08:3209:25दिन
मंगल09:2510:18दिन
सूर्य10:1811:11दिन
शुक्र11:1112:04दिन
बुध12:0412:57दिन
चंद्र12:5713:50दिन
शनि13:5014:43दिन
गुरु14:4315:36दिन
मंगल15:3616:29दिन
सूर्य16:2917:36रात
शुक्र17:3618:43रात
बुध18:4319:51रात
चंद्र19:5120:58रात
शनि20:5822:05रात
गुरु22:0523:12रात
मंगल23:1200:19रात
सूर्य00:1901:26रात
शुक्र01:2602:33रात
बुध02:3303:40रात
चंद्र03:4004:47रात
शनि04:4705:54रात

अयनांश 24.2617° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।