30 दिसंबर 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 30 दिसंबर 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 दिसंबर 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:14 तक), नक्षत्र मृगशिरा (05:16, 31 दिस॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 16:35 पर है। राहुकाल 08:37 से 09:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 16:35
रात 05:58 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:14 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 05:16 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:58 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:37शुभ
रोग08:37 – 09:57टालें
उद्वेग09:57 – 11:16टालें
चर11:16 – 12:36सामान्य
लाभ12:36 – 13:56शुभ
अमृत13:56 – 15:15शुभ
काल15:15 – 16:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:35 – 18:15शुभ
उद्वेग18:15 – 19:56टालें
शुभ19:56 – 21:36शुभ
अमृत21:36 – 23:17शुभ
चर23:17 – 00:57सामान्य
रोग00:57 – 02:37टालें
काल02:37 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:58शुभ

30 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:14 तक
पूर्णिमा 22:18, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 05:16, 31 दिस॰ तक
आर्द्रा 04:50, 1 जन॰ तक
योग
शुक्ल 01:34, 31 दिस॰ तक
ब्रह्म 23:34, 31 दिस॰ तक
करण
गर 11:30 तक
वणिज 23:14 तक
विष्टि (भद्रा) 10:50, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 17:17 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
16:35
चंद्रोदय
15:17
चंद्रास्त
04:31
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:38

अशुभ समय

राहुकाल
08:37 – 09:57
यमगंड
12:36 – 13:56
गुलिक काल
05:58 – 07:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5806:51दिन
गुरु06:5107:44दिन
मंगल07:4408:37दिन
सूर्य08:3709:30दिन
शुक्र09:3010:23दिन
बुध10:2311:16दिन
चंद्र11:1612:09दिन
शनि12:0913:03दिन
गुरु13:0313:56दिन
मंगल13:5614:49दिन
सूर्य14:4915:42दिन
शुक्र15:4216:35दिन
बुध16:3517:42रात
चंद्र17:4218:49रात
शनि18:4919:56रात
गुरु19:5621:03रात
मंगल21:0322:10रात
सूर्य22:1023:17रात
शुक्र23:1700:23रात
बुध00:2301:30रात
चंद्र01:3002:37रात
शनि02:3703:44रात
गुरु03:4404:51रात
मंगल04:5105:58रात

अयनांश 24.2621° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।