4 अप्रैल 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 4 अप्रैल 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 अप्रैल 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:05 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (09:30 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:02 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 11:17 से 12:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:02 – 17:31
रात 05:01 तक
तिथि
षष्ठी, 14:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 09:30 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:02 – 06:36शुभ
अमृत06:36 – 08:10शुभ
काल08:10 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 11:17शुभ
रोग11:17 – 12:50टालें
उद्वेग12:50 – 14:24टालें
चर14:24 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:31 – 18:58टालें
शुभ18:58 – 20:24शुभ
अमृत20:24 – 21:50शुभ
चर21:50 – 23:16सामान्य
रोग23:16 – 00:43टालें
काल00:43 – 02:09टालें
लाभ02:09 – 03:35शुभ
उद्वेग03:35 – 05:01टालें

4 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:05 तक
कृष्ण सप्तमी 13:24, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 09:21, 5 अप्रैल तक
योग
वरीयान 01:25, 5 अप्रैल तक
परिघअशुभ 00:04, 6 अप्रैल तक
करण
वणिज 14:05 तक
विष्टि (भद्रा) 01:38, 5 अप्रैल तक
बव 13:24, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:02
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
23:17
चंद्रास्त
09:07
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:17 – 12:50
यमगंड
06:36 – 08:10
गुलिक काल
09:43 – 11:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0206:05दिन
चंद्र06:0507:07दिन
शनि07:0708:10दिन
गुरु08:1009:12दिन
मंगल09:1210:14दिन
सूर्य10:1411:17दिन
शुक्र11:1712:19दिन
बुध12:1913:22दिन
चंद्र13:2214:24दिन
शनि14:2415:26दिन
गुरु15:2616:29दिन
मंगल16:2917:31दिन
सूर्य17:3118:29रात
शुक्र18:2919:26रात
बुध19:2620:24रात
चंद्र20:2421:21रात
शनि21:2122:19रात
गुरु22:1923:16रात
मंगल23:1600:14रात
सूर्य00:1401:11रात
शुक्र01:1102:09रात
बुध02:0903:06रात
चंद्र03:0604:04रात
शनि04:0405:01रात

अयनांश 24.2657° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।