25 अप्रैल 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 25 अप्रैल 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 अप्रैल 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:37 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:49 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 04:43 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:49 तक है।

दिन और रात
दिन 04:43 – 17:41
रात 04:42 तक
तिथि
द्वादशी, 03:22 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:49 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:43 – 06:20शुभ
अमृत06:20 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:49टालें
उद्वेग12:49 – 14:26टालें
चर14:26 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:03टालें
शुभ19:03 – 20:26शुभ
अमृत20:26 – 21:49शुभ
चर21:49 – 23:11सामान्य
रोग23:11 – 00:34टालें
काल00:34 – 01:57टालें
लाभ01:57 – 03:20शुभ
उद्वेग03:20 – 04:42टालें

25 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:37 तक
शुक्ल द्वादशी 03:22, 26 अप्रैल तक
शुक्ल त्रयोदशी 23:44, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 10:13, 26 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 16:12 तक
व्याघातअशुभ 12:15, 26 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:37 तक
बव 17:03 तक
बालव 03:22, 26 अप्रैल तक
कौलव 13:35, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 18:13 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:43
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
14:25
चंद्रास्त
01:59
दिनमान
12h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:15 – 03:59
अभिजीत मुहूर्त
10:46 – 11:38 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:49
यमगंड
06:20 – 07:57
गुलिक काल
09:35 – 11:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:4305:48दिन
चंद्र05:4806:53दिन
शनि06:5307:57दिन
गुरु07:5709:02दिन
मंगल09:0210:07दिन
सूर्य10:0711:12दिन
शुक्र11:1212:17दिन
बुध12:1713:21दिन
चंद्र13:2114:26दिन
शनि14:2615:31दिन
गुरु15:3116:36दिन
मंगल16:3617:41दिन
सूर्य17:4118:36रात
शुक्र18:3619:31रात
बुध19:3120:26रात
चंद्र20:2621:21रात
शनि21:2122:16रात
गुरु22:1623:11रात
मंगल23:1100:07रात
सूर्य00:0701:02रात
शुक्र01:0201:57रात
बुध01:5702:52रात
चंद्र02:5203:47रात
शनि03:4704:42रात

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।