26 अप्रैल 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 26 अप्रैल 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 अप्रैल 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (23:44 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (10:13 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 04:42 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 12:49 से 14:26 तक है।

दिन और रात
दिन 04:42 – 17:41
रात 04:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:44 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 10:13 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ04:42 – 06:20शुभ
रोग06:20 – 07:57टालें
उद्वेग07:57 – 09:34टालें
चर09:34 – 11:12सामान्य
लाभ11:12 – 12:49शुभ
अमृत12:49 – 14:26शुभ
काल14:26 – 16:04टालें
शुभ16:04 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:41 – 19:04शुभ
चर19:04 – 20:26सामान्य
रोग20:26 – 21:49टालें
काल21:49 – 23:11टालें
लाभ23:11 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 01:56टालें
शुभ01:56 – 03:19शुभ
अमृत03:19 – 04:41शुभ

26 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 23:44 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:55, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 07:19, 27 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 12:15 तक
हर्षण 08:04, 27 अप्रैल तक
करण
कौलव 13:35 तक
तैतिल 23:44 तक
गर 09:50, 27 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:42
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
15:30
चंद्रास्त
02:38
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:14 – 03:58
अभिजीत मुहूर्त
10:46 – 11:38

अशुभ समय

राहुकाल
12:49 – 14:26
यमगंड
04:42 – 06:20
गुलिक काल
07:57 – 09:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु04:4205:47दिन
मंगल05:4706:52दिन
सूर्य06:5207:57दिन
शुक्र07:5709:02दिन
बुध09:0210:07दिन
चंद्र10:0711:12दिन
शनि11:1212:17दिन
गुरु12:1713:22दिन
मंगल13:2214:26दिन
सूर्य14:2615:31दिन
शुक्र15:3116:36दिन
बुध16:3617:41दिन
चंद्र17:4118:36रात
शनि18:3619:31रात
गुरु19:3120:26रात
मंगल20:2621:21रात
सूर्य21:2122:16रात
शुक्र22:1623:11रात
बुध23:1100:06रात
चंद्र00:0601:01रात
शनि01:0101:56रात
गुरु01:5602:51रात
मंगल02:5103:46रात
सूर्य03:4604:41रात

अयनांश 24.2666° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।