4 मई 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 मई 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 मई 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (02:51, 5 मई तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (18:30 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 04:36 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 09:32 से 11:11 तक है।

दिन और रात
दिन 04:36 – 17:45
रात 04:36 तक
तिथि
सप्तमी, 02:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 18:30 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:36 – 06:15सामान्य
लाभ06:15 – 07:53शुभ
अमृत07:53 – 09:32शुभ
काल09:32 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:49शुभ
रोग12:49 – 14:28टालें
उद्वेग14:28 – 16:06टालें
चर16:06 – 17:45सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:45 – 19:06टालें
काल19:06 – 20:28टालें
लाभ20:28 – 21:49शुभ
उद्वेग21:49 – 23:10टालें
शुभ23:10 – 00:32शुभ
अमृत00:32 – 01:53शुभ
चर01:53 – 03:14सामान्य
रोग03:14 – 04:36टालें

4 मई 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 02:51, 5 मई तक
कृष्ण अष्टमी 03:54, 6 मई तक
नक्षत्र
श्रवण 19:57, 5 मई तक
योग
साध्य 06:47 तक
शुभ 06:06, 5 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:36 तक
बव 02:51, 5 मई तक
बालव 15:18, 5 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:36
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
23:27
चंद्रास्त
09:54
दिनमान
13h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:09 – 03:53
अभिजीत मुहूर्त
10:44 – 11:37

अशुभ समय

राहुकाल
09:32 – 11:11
यमगंड
14:28 – 16:06
गुलिक काल
06:15 – 07:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:3605:42दिन
बुध05:4206:48दिन
चंद्र06:4807:53दिन
शनि07:5308:59दिन
गुरु08:5910:05दिन
मंगल10:0511:11दिन
सूर्य11:1112:16दिन
शुक्र12:1613:22दिन
बुध13:2214:28दिन
चंद्र14:2815:34दिन
शनि15:3416:39दिन
गुरु16:3917:45दिन
मंगल17:4518:39रात
सूर्य18:3919:33रात
शुक्र19:3320:28रात
बुध20:2821:22रात
चंद्र21:2222:16रात
शनि22:1623:10रात
गुरु23:1000:05रात
मंगल00:0500:59रात
सूर्य00:5901:53रात
शुक्र01:5302:47रात
बुध02:4703:41रात
चंद्र03:4104:36रात

अयनांश 24.2669° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।