6 अप्रैल 2025 को इंदौर का चौघड़िया

रविवार, 6 अप्रैल 2025, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 अप्रैल 2025 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (19:23 तक), नक्षत्र पुष्य (06:24, 7 अप्रैल तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 17:10 से 18:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:43
रात 06:13 तक
तिथि
नवमी, 19:23 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:14 – 07:48टालें
चर07:48 – 09:21सामान्य
लाभ09:21 – 10:55शुभ
अमृत10:55 – 12:29शुभ
काल12:29 – 14:02टालें
शुभ14:02 – 15:36शुभ
रोग15:36 – 17:10टालें
उद्वेग17:10 – 18:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:43 – 20:09शुभ
अमृत20:09 – 21:36शुभ
चर21:36 – 23:02सामान्य
रोग23:02 – 00:28टालें
काल00:28 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:21शुभ
उद्वेग03:21 – 04:47टालें
शुभ04:47 – 06:13शुभ

6 अप्रैल 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 19:23 तक
शुक्ल दशमी 20:00, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 06:24, 7 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 18:55 तक
धृति 18:18, 7 अप्रैल तक
करण
बालव 07:20 तक
कौलव 19:23 तक
तैतिल 07:37, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
13:04
चंद्रास्त
02:09
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
17:10 – 18:43
यमगंड
12:29 – 14:02
गुलिक काल
15:36 – 17:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1407:16दिन
शुक्र07:1608:19दिन
बुध08:1909:21दिन
चंद्र09:2110:24दिन
शनि10:2411:26दिन
गुरु11:2612:29दिन
मंगल12:2913:31दिन
सूर्य13:3114:33दिन
शुक्र14:3315:36दिन
बुध15:3616:38दिन
चंद्र16:3817:41दिन
शनि17:4118:43दिन
गुरु18:4319:41रात
मंगल19:4120:38रात
सूर्य20:3821:36रात
शुक्र21:3622:33रात
बुध22:3323:31रात
चंद्र23:3100:28रात
शनि00:2801:26रात
गुरु01:2602:23रात
मंगल02:2303:21रात
सूर्य03:2104:18रात
शुक्र04:1805:16रात
बुध05:1606:13रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।