30 अक्टूबर 2026 को इंदौर का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (19:25 तक), नक्षत्र मृगशिरा (09:04 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 17:50
रात 06:30 तक
तिथि
पंचमी, 19:25 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:29 – 07:55सामान्य
लाभ07:55 – 09:20शुभ
अमृत09:20 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 15:00टालें
उद्वेग15:00 – 16:25टालें
चर16:25 – 17:50सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:50 – 19:25टालें
काल19:25 – 21:00टालें
लाभ21:00 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:45शुभ
अमृत01:45 – 03:20शुभ
चर03:20 – 04:55सामान्य
रोग04:55 – 06:30टालें

30 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 19:25 तक
कृष्ण षष्ठी 16:57, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 07:12, 31 अक्टू॰ तक
योग
शिव 20:41 तक
सिद्ध 17:31, 31 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 08:46 तक
तैतिल 19:25 तक
गर 06:09, 31 अक्टू॰ तक
वणिज 16:57, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
21:40
चंद्रास्त
10:50
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:10
यमगंड
15:00 – 16:25
गुलिक काल
07:55 – 09:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2907:26दिन
बुध07:2608:23दिन
चंद्र08:2309:20दिन
शनि09:2010:16दिन
गुरु10:1611:13दिन
मंगल11:1312:10दिन
सूर्य12:1013:06दिन
शुक्र13:0614:03दिन
बुध14:0315:00दिन
चंद्र15:0015:56दिन
शनि15:5616:53दिन
गुरु16:5317:50दिन
मंगल17:5018:53रात
सूर्य18:5319:56रात
शुक्र19:5621:00रात
बुध21:0022:03रात
चंद्र22:0323:07रात
शनि23:0700:10रात
गुरु00:1001:13रात
मंगल01:1302:17रात
सूर्य02:1703:20रात
शुक्र03:2004:23रात
बुध04:2305:27रात
चंद्र05:2706:30रात

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।