27 सितंबर 2026 को ईटानगर का चौघड़िया

रविवार, 27 सितंबर 2026, ईटानगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 सितंबर 2026 को ईटानगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (20:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (11:08 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 17:06 पर है। राहुकाल 15:36 से 17:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 17:06
रात 05:06 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:59 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 11:08 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:06 – 06:36टालें
चर06:36 – 08:06सामान्य
लाभ08:06 – 09:36शुभ
अमृत09:36 – 11:06शुभ
काल11:06 – 12:36टालें
शुभ12:36 – 14:06शुभ
रोग14:06 – 15:36टालें
उद्वेग15:36 – 17:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:06 – 18:36शुभ
अमृत18:36 – 20:06शुभ
चर20:06 – 21:36सामान्य
रोग21:36 – 23:06टालें
काल23:06 – 00:36टालें
लाभ00:36 – 02:06शुभ
उद्वेग02:06 – 03:36टालें
शुभ03:36 – 05:06शुभ

27 सितंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 20:59 तक
कृष्ण द्वितीया 19:14, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 10:16, 28 सित॰ तक
योग
वृद्धि 11:17 तक
ध्रुव 08:53, 28 सित॰ तक
करण
बालव 09:42 तक
कौलव 20:59 तक
तैतिल 08:09, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
17:19
चंद्रास्त
05:27
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
10:42 – 11:30

अशुभ समय

राहुकाल
15:36 – 17:06
यमगंड
11:06 – 12:36
गुलिक काल
14:06 – 15:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0606:06दिन
शुक्र06:0607:06दिन
बुध07:0608:06दिन
चंद्र08:0609:06दिन
शनि09:0610:06दिन
गुरु10:0611:06दिन
मंगल11:0612:06दिन
सूर्य12:0613:06दिन
शुक्र13:0614:06दिन
बुध14:0615:06दिन
चंद्र15:0616:06दिन
शनि16:0617:06दिन
गुरु17:0618:06रात
मंगल18:0619:06रात
सूर्य19:0620:06रात
शुक्र20:0621:06रात
बुध21:0622:06रात
चंद्र22:0623:06रात
शनि23:0600:06रात
गुरु00:0601:06रात
मंगल01:0602:06रात
सूर्य02:0603:06रात
शुक्र03:0604:06रात
बुध04:0605:06रात

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय ईटानगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।