7 अक्टूबर 2026 को ईटानगर का चौघड़िया

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026, ईटानगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को ईटानगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:17 तक), नक्षत्र मघा (21:40 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 16:55 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 16:55
रात 05:11 तक
तिथि
द्वादशी, 23:17 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 21:40 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:10 – 06:38शुभ
अमृत06:38 – 08:07शुभ
काल08:07 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 13:59टालें
चर13:59 – 15:27सामान्य
लाभ15:27 – 16:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:55 – 18:27टालें
शुभ18:27 – 19:59शुभ
अमृत19:59 – 21:31शुभ
चर21:31 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:35टालें
काल00:35 – 02:07टालें
लाभ02:07 – 03:39शुभ
उद्वेग03:39 – 05:11टालें

7 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:17 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:16, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:40 तक
पूर्वा फाल्गुनी 21:20, 8 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 02:52, 8 अक्टू॰ तक
शुक्ल 00:58, 9 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 11:53 तक
तैतिल 23:17 तक
गर 10:44, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
16:55
चंद्रोदय
01:41
चंद्रास्त
14:52
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:33 – 04:21
अभिजीत मुहूर्त
10:39 – 11:26 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:31
यमगंड
06:38 – 08:07
गुलिक काल
09:35 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1006:09दिन
चंद्र06:0907:08दिन
शनि07:0808:07दिन
गुरु08:0709:05दिन
मंगल09:0510:04दिन
सूर्य10:0411:03दिन
शुक्र11:0312:01दिन
बुध12:0113:00दिन
चंद्र13:0013:59दिन
शनि13:5914:58दिन
गुरु14:5815:56दिन
मंगल15:5616:55दिन
सूर्य16:5517:56रात
शुक्र17:5618:58रात
बुध18:5819:59रात
चंद्र19:5921:00रात
शनि21:0022:02रात
गुरु22:0223:03रात
मंगल23:0300:04रात
सूर्य00:0401:06रात
शुक्र01:0602:07रात
बुध02:0703:08रात
चंद्र03:0804:10रात
शनि04:1005:11रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय ईटानगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।